बच्चों को तंबाकू के दुष्प्रभाव से बचाने के लिए शिक्षा विभाग ने लिया संकल्प

स्वास्थ्य विभाग और शिक्षा विभाग साथ मिलकर स्कूलों-कॉलेजों के छात्र-छात्राओं को करेंगे जागरूक
शिक्षा विभाग के पदाधिकारी को तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम से सम्बंधित प्रशिक्षण दिया गया है।

जिले के शिक्षण संस्थानों में बच्चों को तम्बाकू सेवन से दूर रहने के लिए जागरूकता अभियान चलायेगे
छात्रों का ब्रिगेड गठित कर फैलाई जाएगी तंबाकू सेवन के खिलाफ जागरूकता
मधुबनी “तंबाकू सेवन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है, इस तथ्य से सभी वाकिफ हैं लेकिन फिर भी तंबाकू की लत से बाहर नहीं आ पाते हैं. युवाओं को तंबाकू सेवन से जुड़े खतरों के बारे में जागरूक करने के लिए सामूहिक प्रयास की जरुरत है”, उक्त बातें सीड्स कार्यक्रम के कार्यक्रम पदाधिकारी मनोज कुमार झा ने बताया। तंबाकू मुक्त शिक्षण संस्थान बनाने हेतु जिले के शिक्षा विभाग के नोडल पदाधिकारियों को एक दिवसीय प्रशिक्षण पटना में दिया गया। अब जिले में स्वास्थ्य विभाग व शिक्षा विभाग संयुक्त रूप से तंबाकू निषेध कार्यक्रम को लेकर जिले में अभियान चलाएगा। हाल में प्रकाशित ग्लोबल यूथ टोबैको सर्वे के आंकड़ों में बिहार के युवाओं में 7.3% तंबाकू उत्पाद के प्रयोग के आंकड़े सामने आए हैं। विदित हो कि वर्ष 2019 में यह सर्वे बिहार के 38 जिला में की गई थी। जिसमें बिहार के 7.3 प्रतिशत छात्र तंबाकू उत्पाद प्रयोग करने की बात सामने आई है। जिसमें 6.6% लड़के और 8.0% लड़कियां तंबाकू उत्पाद का प्रयोग करती हैं।
राज्य के 19 जिले धुम्रपान मुक्त हैं घोषित:
सीड्स के मनोज झा ने बताया, मधुबनी सहित राज्य के 19 जिले धुम्रपान मुक्त घोषित किये जा चुके हैं. ये वैसे जिले हैं जहाँ सार्वजानिक जगहों पर तंबाकू सेवन नहीं करने वालों का प्रतिशत 80 फीसदी या उससे ज्यादा है. उन्होंने बताया कोटपा कानून का सख्ती से लागू करना और सभी शिक्षण संस्थानों में तंबाकू के दुष्प्रभाव को लेकर युवाओं को जागरूक करना बहुत आवश्यक है. सभी प्रकार के कैंसरों में तंबाकू के सेवन से जुड़े कैंसरों का हिस्सा 40 प्रतिशत है एवं 90 प्रतिशत मुँह का कैंसर तंबाकू के प्रयोग से होते हैं.
विश्व में तंबाकू सेवन से हर वर्ष 80 लाख लोगों की मृत्यु:
एनसीडीओ डॉक्टर एस पी सिंह बताया, पूरे विश्व में हर वर्ष करीब 80 लाख लोग तंबाकू सेवन से जनित रोगों के कारण अपनी जान गंवाते हैं. देश में हर वर्ष 13 लाख मृत्यु का आंकड़ा तंबाकू सेवन के कारण है. उन्होंने बताया, स्वास्थ्य एवं शिक्षा विभाग को आपसी सामंजस्य से सभी शिक्षण संस्थानों में तंबाकू के दुष्प्रभाव को लेकर युवाओं में अलख जगाने की जरुरत है.
स्वास्थ्य विभाग करेगा पूरा सहयोग:
सिविल सर्जन डॉ सुनील कुमार झा ने बताया तंबाकू सेवन पर रोक लगाने एवं साथ ही तंबाकू से होने वाले विभिन्न प्रकार के कैंसर के बारे में वृहत पैमाने पर जन-जागरूकता फैलाने की जरुरत है. तंबाकू का दुष्प्रभाव सबसे अधिक स्कूली बच्चों एवं युवाओं पर पड़ रहा है। युवा वर्ग जनमानस में तंबाकू के दुष्प्रभावों के बारे में लोगों को जागरूक करने में अहम् भूमिका निभा सकते हैं. उन्होंने बताया विभाग पहले कुछ चयनित जिलों में तंबाकू उन्मूलन को लेकर अभियान चलायेगा।
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