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ज्ञान की लौ से महादलित बस्ती दुबे टोल मे अशिक्षा का अंधियारा मिटा रहीं बेटियां

ज्ञान की लौ से महादलित बस्ती दुबे टोल मे अशिक्षा का अंधियारा मिटा रहीं बेटियां

राष्ट्रीय बालिका दिवस विशेष :

सीतामढ़ी :-जिंदगी में कितने भी संघर्ष के दिन आएं, लेकिन बेटियां पीछे कदम नहीं हटाती हैं। 24 जनवरी को राष्ट्रीय बालिका दिवस के मौके पर बचपन बचाओ आंदोलन की ओर से सीतामढ़ी जिला के परिहार प्रखंड के महादलित बस्ती ( दुबे टोल ) में गठित बाल समिति के सदस्य ऐसी ही बेटियों की कहानियां है जिन्होंने अपने संघर्ष के बूते ज्ञान की लौ से महादलित बस्ती दुबे टोल मे अशिक्षा का अंधियारा मिटा रहीं और कामयाबी की इबारत लिख रही है!

*दुबे टोला में महादलित बस्ती में अब तक कोई मैट्रिक पास बेटी नहीं , बाल समिति की सदस्य इंद्रा देगी इस बार परीक्षा*

गांव के महादलित बस्ती में अब तक कोई मैट्रिक पास बेटी नहीं है बचपन बचाओ आंदोलन की ओर से गठित बाल समिति की सदस्य इंद्रा कुमारी इस बार मैट्रिक का परीक्षा देगी! ग्रामीण त्रिलोकी माझी बताते हैं कि गांव में महादलित से पहली बेटी इस बार मैट्रिक का परीक्षा दे रही है जो गर्व की बात है इंदिरा के परीक्षा देने से ना सिर्फ अशिक्षा का अंधकार मिट रहा है बल्कि गांव में अपनी बेटियों के शिक्षा के प्रति अभिभावक जागरूक हुए हैं! !

*जन – जागरूकता एवं बेटियों की पहल से बाल विवाह पर गाँव मे लगा रोक*
बचपन बचाओ आंदोलन की पहल से गांव में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित कर जन जागरूकता अभियान चलाया गया जिसको सफल बनाने में गांव की बेटियों की भूमिका अहम रही सैकड़ों लोगों ने शपथ पत्र पर हस्ताक्षर कर किसी भी बच्चे का बाल विवाह न करवाने का संकल्प लिया .

*महादलित बस्ती की बेटियों को निशुल्क कोचिंग देंगे :- चंदन मांझी*

गाँव के महादलित बस्ती के प्रथम स्नातक युवा चंदन मांझी बचपन बचाओ आंदोलन के द्वारा किए गए कार्यों से प्रेरित होकर अपने गांव में महादलित बस्ती की बेटियों को निशुल्क कोचिंग पढ़ाने का निर्णय लिया है चंदन ने बताया कि बेटियों के शिक्षा ग्रहण करने में गरीबी बाधा ना बने इसलिए मुफ्त में कोचिंग पढ़ाएंगे ताकि गांव एवं समाज का विकास हो सके और समाज का हर एक बच्चा शिक्षित हो.

*महादलित बस्ती की 15 बेटियां कस्तूरबा गांधी विद्यालय में शिक्षा ग्रहण कर महादलित बस्ती दुबे टोला का मान बढ़ा रही है*

समाजसेवी चंदन मांझी के पहल से गांव की 15 बेटियों का कस्तूरबा गांधी विद्यालय में नामांकन करवाया गया. जहां बच्चियां शिक्षा ग्रहण कर रही है, चंदन मांझी ने बताया कि इस बार सभी बच्चियां आठवीं कक्षा में शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं. इससे गांव में साक्षरता दर में वृद्धि हो रही और बच्चियां शिक्षा ग्रहण कर महादलित बस्ती से अशिक्षा के अंधकार को मिटाने में जुटी हैं.

*स्कूल से बच्चों को जोड़ा गया*
बाल समिति की सदस्य किमी कुमारी, इंदिरा कुमारी आदि ने चंदन मांझी के संग मिलकर बचपन बचाओ आंदोलन के पहल से गांव में बच्चों को शिक्षा से जोड़ने के लिए विभिन्न जन जागरूकता अभियान चलाकर अनामांकित बच्चों को चिन्हित कर स्कूल से जोड़ने की अनूठी पहल की गई!

महादलित बस्ती के बच्चे काफी प्रतिभावान हैं , अवसर भी अब मिल रहा
दुबे टोला के समाजसेवी चंदन मांझी बताते हैं कि दुबे टोला के महादलित बस्ती के बच्चे काफी प्रतिभावान है और अब उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित श्री कैलाश सत्यार्थी जी की संगठन बचपन बचाओ आंदोलन की पहल से अवसर भी मिला है अन्य राज्यों में बाल श्रम करवाए जा रहे हैं गांव के पांच बच्चों को बालश्रम से मुक्त करवाया गया, समय-समय पर जन जागरूकता कार्यक्रम बच्चों को शिक्षा से जोड़ने के लिए विभिन्न तरह की अनूठी पहल संगठन के द्वारा की गई है जिससे शिक्षा दर में भी काफी वृद्धि हुई बच्चों को शिक्षा ग्रहण करवाने के प्रति अभिभावक का भी लगाव बढ़ा हैं!

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