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संस्कृत शिक्षण पाठ्यक्रम के नये सत्र का कुलपति ने किया शुभारंभ

संस्कृत शिक्षण पाठ्यक्रम के नये सत्र का कुलपति ने किया शुभारंभ

सीएम साइंस कालेज में वर्ष 2018 से चल रहा है यह पाठ्यक्रम

सीएम साइंस कालेज में वर्ष 2018 से केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय द्वारा संचालित अनौपचारिक संस्कृत शिक्षण पाठ्यक्रम के नये सत्र का शुभारंभ सोमवार को ल.ना.मिथिला विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो सुरेन्द्र प्रताप सिंह के द्वारा आनलाइन वर्चुअल मोड में किया गया. बतौर मुख्यातिथि अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय द्वारा संचालित यह योजना बहुत ही महत्वपूर्ण है. संस्कृत नहीं जानने वालों के लिये यह सुनहरा अवसर है. उन्होंने कहा कि संस्कृत ऐसी भाषा है जो देवता और पितरों को भी काफी प्रिय है. यही कारण है कि इसका प्रयोग धार्मिक अनुष्ठान, पूजा पाठ और सामूहिक पारिवारिक उत्सवों में विशेष रूप से किया जाता है. उन्होंने कहा कि संस्कृत भाषा इतनी सरल है कि इसे सुनकर संस्कृत नहीं जानने वाले व्यक्ति के भी समझ में आ जाती है। संस्कृतनिष्ठ वेद वाक्य का ध्यान करने से व्यक्ति के मन में शांति उत्पन्न होता है जबकि सुभाषितों से व्यक्तित्व का विकास तथा सामाजिक धरोहरों का ज्ञान प्राप्त होता है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य प्रो.दिलीप कुमार चौधरी ने की. अध्यक्षीय संबोधन में उन्होंने कहा कि संस्कृत भाषा विज्ञान औऱ गणित की भाषा है इसकी उच्चारण से मन को शांति प्राप्त होती है. यह भाषा बहुत ही कर्णप्रिय है. संस्कृत के प्रचार-प्रसार में इस योजना का बहुत बड़ा योगदान है ।इससे अनेक छात्र-छात्राएँ लाभान्वित हुए हैं और आगे भी होंगे.
मौके पर अपने संबोधन में पाठ्यक्रम संयोजक सह महाविद्यालय के बर्सर डा अशोक कुमार झा ने संस्कृत को वैज्ञानिक भाषा बताते हुए इसे सभी भारतीय भाषाओं का उद्गम स्थल बताया तथा संगणक की भाषा के रूप में संस्कृत की व्याख्या की. कार्यक्रम का संचालन अंशु कुमारी ने किया. जबकि सरस्वती वंदना पूजा कुमारी ने तथा शांति मंत्र जयशंकर झा ने प्रस्तुत किया.

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