विद्यापति सेवा संस्थान में मनाई गई गाँधी की पुण्यतिथि
संपूर्ण विश्व को सत्य और अहिंसा का मार्ग दिखा कर मानव मूल्यों को बल प्रदान करने वाले राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि रविवार को विद्यापति सेवा संस्थान में मनाई गई। इस अवसर पर महात्मा गांधी को श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए विद्यापति सेवा संस्थान के महासचिव डॉ बैद्यनाथ चौधरी बैजू ने कहा कि गांधीजी अपनी धार्मिकता को लेकर हमेशा निष्कपट और अपने हिंदुत्व को लेकर सदैव असंदिग्ध रहे। मैथिली अकादमी के पूर्व अध्यक्ष पं कमलाकांत झा ने कहा कि यह गांधी जी की काबिलियत थी कि राम और गीता जैसे भारतीय मर्यादा के प्रतीकों को उन्होंने सांप्रदायिक ताकतों की जकड़ से बचाए रखते हुए उन्हें नए मानवीय अर्थ प्रदान किए। कार्यकारी अध्यक्ष डॉ बुचरू पासवान ने कहा कि बापू का भगवान छुआछूत से सर्वथा परे था। संस्थान के सचिव प्रो जीवकांत मिश्र ने उन्हें सकारात्मक विचारों से प्रभावित करने वाला सर्वश्रेष्ठ महापुरुष बताया।
मीडिया संयोजक प्रवीण कुमार झा ने कहा कि राजनीतिक और सामाजिक प्रगति के लिए जीवन पर्यंत संघर्षशील रहे महात्मा गांधी सिर्फ एक नाम मात्र नहीं बल्कि, शांति व अहिंसा के ऐसे निश्नात पुजारी थे जिन्होंने सत्याग्रह, शांति व अहिंसा के रास्ते पर चलते हुए अंग्रेजों को भारत छोड़ने पर मजबूर कर दिया। जिसका कोई दूसरा उदाहरण विश्व इतिहास में अबतक देखने को नहीं मिला। इस अवसर पर डॉ गणेश कांत झा, डॉ उदय कांत मिश्र, विनोद कुमार झा, प्रो विजय कांत झा, प्रो चंद्रशेखर झा बूढ़ा भाई, दुर्गा नंद झा, मिथिलेश मिश्र, आशीष चौधरी आदि ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
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