कैंसर चिकित्सा व परामर्श शिविर में एक भी कैसर का केस नहीं
-कैंसर सप्ताह में जिले में आठ हजार लोगों की हुई जांच
-79 डायबिटिज व 56 लोग बीपी पीड़ित निकले

दरभंगा जिला में संचालित कैंसर रोगियों को चिह्नित करने को लेकर नि:शुल्क कैंसर चिकित्सा एवं परामर्श शिविर का आयोजन पूर्ण हो गया। विभागीय जानकारी के अनुसार इसके तहत आठ हजार लोगों की जांच की गयी। इसमें 79 लोग डायबिटिक व 56 लोग बीपी के निकले। विदित हो कि जिला में 4 से 10 फरवरी तक यह अभियान चला। शिविर का आयोजन सभी 18 प्रखंडो में किया गया। एनसीडीओ डॉ एसके मिश्रा ने कहा कि तीन तरह की कैंसर सबसे ज्यादा पाई जाती है। अगर समय से इसकी जांच की जाए तो आसानी से कैंसर को काफी हद तक कम कर सकते है। कार्यक्रम के तहत मुंह का कैंसर, सर्वाइकल कैंसर और स्तन कैंसर की प्रारंभिक लक्षण की जांच की गयी। डॉ. मिश्रा ने बताया कैंप के माध्यम से 8000 लोगों की जांच की गई। इसके साथ ही आशा और एएनएम के साथ प्रशिक्षण हुआ। इसके अलावा अन्य स्वास्थ्यकर्मी को प्रशिक्षित किया गया है। कैंसर स्क्रीनिंग व जागरूकता सप्ताह के दौरान में जिले में सभी प्रखंडों में लोगों की जांच की गयी। जिसमें एक भी केस कैंसर का नहीं निकला। कहा कि विभागीय निर्देश से आगे भी यह अभियान चलाया जायेगा।
लक्षणों की ससमय पहचान से 70 % कैंसर मामले कम होंगे:
एनसीडीओ डॉ एसके मिश्रा ने बताया बिहार में पहली बार जनसंख्या आधारित कैंसर स्क्रीनिंग की शुरुआत की गयी है। इसमें मुख कैंसर के मामले सबसे अधिक हैं। इसके बाद महिलाओं में गर्भाशय और स्तन कैंसर के मामले मिले हैं। राज्य में प्रतिवर्ष 1 लाख 40 हजार कैंसर के मामले सामने आते हैं। इस प्रोग्राम में तीन तरह के कैंसर की स्क्रीनिंग की जाती है। जिनमें मुख, स्तन और गर्भाशय कैंसर शामिल हैं। तीनों कैंसर का इलाज समय से शुरू होने पर राज्य में 70 प्रतिशत कैंसर मामलों को कम किया जा सकता है। विदित हो कि भारत में प्रतिवर्ष 156000 महिलाएं स्तन कैंसर से पीड़ित होती और उसमें 76,000 की मृत्यु हर साल हो जाती है। वहीं गर्भाशय के मुख का कैंसर से भारत में प्रतिवर्ष 132000 पीड़ित होते जिसमें 63000 की मौत हो जाती है। जबकि तम्बाकू सेवन के कारण भारत में 250000 पीड़ित होते और प्रति दिन 2200 लोगों की मृत्यु तम्बाकू सेवन से होने वाली बीमारियों के कारण होती है। इसमें से ज्यादातर संख्या बिहार की होती है। इसीलिए बिहार में शुरुआती लक्षण की जांच और जागरूकता की ज्यादा जरूरत है।
कैंसर के मुख्य संकेत:
• शरीर के किसी अंग में असामान्य असामान्य सूजन का होना
• तिल या मस्सों के आकार या रंग में परिवर्तन
• लगातार बुखार या वजन में कमी
• घाव का लंबे समय से नहीं भरना
• 4 हफ्ते से अधिक समय तक अकारण दर्द का रहना
• मूत्र विसर्जन में कठिनाई या दर्द का होना
• शौच से रक्त निकलना
• स्तन में सूजन या कड़ापन का होना
• 3 सप्ताह से अधिक लगातार खाँसी या आवाज का कर्कश होना
• असामान्य रक्त प्रवाह या मासिक धर्म के बाद भी रक्त का निकलना।
Darbhanga News24 – दरभंगा न्यूज24 Online News Portal