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हिन्दी बाल साहित्य शोध संस्थान, बनौली, दरभंगा ( बिहार) का पंचम स्थापना दिवस समारोह- 2022 हुआ सम्पन्न » अजित कुमार सिंह छोटू की रिपोर्ट

हिन्दी बाल साहित्य शोध संस्थान, बनौली, दरभंगा ( बिहार) का पंचम स्थापना दिवस समारोह- 2022 हुआ सम्पन्न

दरभंगा की संस्था हिन्दी बाल साहित्य शोध संस्थान की पंचम स्थापना दिवस समारोह का आयोजन हाजीपुर में आयोजित किया गया।
आम सभा में दरभंगा के प्रसिद्ध बाल साहित्यकार डॉ. सतीश चन्द्र भगत को अध्यक्ष तथा अमिताभ कुमार सिन्हा को सचिव बनाया गया।
स्थापना दिवस समारोह की अध्यक्षता संस्थान के अध्यक्ष- डा. दिनेश प्रसाद साह ने किया संचालन संस्थान के सचिव अमिताभ कुमार सिन्हा कर रहे थे. मुख्य अतिथि- हिन्दी और बज्जिका के सशक्त हस्ताक्षर डा. शारदाचरण थे.  विशिष्ट अतिथि- पूर्व भा.प्र.से. श्री नरेन्द्र कुमार सिन्हा, प्रसिद्ध लघुकथाकार श्री रामयतन यादव, डा. विद्या चौधरी थे.
स्वागत अभिभाषण डा. विश्व जीत कुमार चौधरी ने किया संस्थान के निदेशक- आगत अतिथियों का मंच पर पुष्प माला से स्वागत किया.
सरस्वती वंदना से कार्यक्रम का प्रारंभ हुआ. संस्थान का परिचायिका 2022 का लोकार्पण नरेन्द्र कुमार सिन्हा ने किया.  डा. सतीश चन्द्र भगत की बाल काव्य संग्रह ” मस्त झूलते लीची लाल ” का लोकार्पण डा. विद्या चौधरी ने किया.  वहीं गोपाल भारतीय की पुस्तक ” बालमंजरी ” का लोकार्पण, डा. पूनम सिन्हा श्रेयसी की पुस्तक ” दू दूनी चार “, डा. प्रतिभा कुमारी पराशर की पुस्तक ” चून्नू मुन्नू” का भी लोकार्पण हुआ.
हाजीपुर, दरभंगा, मुजफ्फरपुर के बच्चों लगभग पचास बच्चों ने अपनी और अन्य कवियों की बाल कविताओं से कार्यक्रम में गति प्रदान किया.
तत्पश्चात विभिन्न सम्मानों से बाल साहित्यकारों और सेवा निवृत्त शिक्षकों का सम्मान किया गया. जिसमें गोरखपुर ( उ. प्र.) के प्रसिद्ध बाल साहित्यकार बद्री प्रसाद वर्मा ” अनजान “, हेमंत यादव” शशि ” फारबिसगंज, अररिया के प्रसिद्ध बाल कहानी कार , डा. पूनम सिन्हा श्रेयसी- पटना, डा. प्रतिभा कुमारी पराशर, हाजीपुर को विभिन्न बाल साहित्य शिखर सम्मान- 2022 से सम्मानित किया गया.
वहीं महामना लाल बिहारी भगत शिक्षक सम्मान- 2022 से निम्नलिखित सेवा निवृत्त शिक्षकों को सम्मानित किया गया.  हाजीपुर के प्रसिद्ध सेवा निवृत्त प्रधानाध्यापक श्री राम लक्षण प्रसाद चौरसिया, मधुबनी के सेवा निवृत्त शिक्षक और साहित्यकार श्री अरविंद प्रसाद, मेहसी( पूर्वी चंपारण) के गोपाल भारतीय, हाजीपुर के अखौरी चन्द्रशेखर ( प्रसिद्ध बज्जिका नाटककार) सम्मलित हैं.
अन्य सम्मानित होने वाले बाल साहित्यकारों में शिवानन्द सिंह” सहयोगी ” मेरठ( उ. प्र.), शिव मोहन यादव, कानपुर देहात, उ. प्र., पद्मा चौगांवर, विदिशा ( म.प्र.), डा. गौरीशंकर श्रीवास्तव ” पथिक ” सतना ( म. प्र.), उमेश कुमार चौरसिया, अजमेर ( राजस्थान), पवन कुमार वर्मा, वाराणसी, उ. प्र., समारोह में उपस्थित नहीं थे. अत: उन सभी का सम्मान पत्र डाक से प्रेषित किया जाएगा.
बाल कवि सम्मेलन में प्रमुख बाल साहित्यकारों ने अपनी- अपनी प्रतिनिधि बाल कविता प्रस्तुत किया. जिसमें डा. सतीश चन्द्र भगत, हेमन्त यादव शशि, बद्री प्रसाद वर्मा ” अनजान ” , गोपाल भारतीय, डा. विद्या चौधरी, ऋतु प्रज्ञा, डा. हीरा लाल सहनी, अरविंद प्रसाद, शंभु नारायण चौधरी, डा. महेन्द्र प्रियदर्शी, विजय कुमार विनीत, अमिताभ कुमार सिन्हा, आलोक कुमार, डा. प्रतिभा कुमारी पराशर, पूनम सिन्हा श्रेयसी आदि
बाल साहित्य के विकास में बाल साहित्यकारों की भूमिका विषय पर सारगर्भित व्याख्यान देने वाले में प्रमुख वक्ता में थे- राम यतन यादव, डा. सतीश चन्द्र भगत, नरेन्द्र कुमार सिन्हा, अखिलेश कुमार चौधरी, डा. शारदा चरण, डा. दिनेश प्रसाद साह
कार्यक्रम में सहभागिता प्रदान करने वाले बच्चों को संस्थान का मेडल, बाल पुस्तकें देकर अध्यक्ष, निदेशक, मंचासीन अतिथियों ने प्रोत्साहित किया.
समारोह में आम सभा से 2022- 2025 के लिए
सर्व सम्मति से डा. सतीश चन्द्र भगत को अध्यक्ष और अमिताभ कुमार सिन्हा को सचिव बनाया गया. संस्थान के अन्य पदों पर निदेशक सह अध्यक्ष डॉ. सतीश चन्द्र भगत और सचिव अमिताभ कुमार सिन्हा मनोनीत करेंगे.
संस्थान के संरक्षक के रूप में डा. दिनेश प्रसाद साह, डा.शारदा चरण, नरेन्द्र कुमार सिन्हा का नाम पारित किया गया.
इस प्रकार हिन्दी बाल साहित्य शोध संस्थान, बनौली, दरभंगा ( बिहार) का सफल स्थापना दिवस समारोह- 2022 सम्पन्न हुआ. अध्यक्षता- डा. दिनेश प्रसाद साह, संचालन- अमिताभ कुमार सिन्हा, धन्यवाद ज्ञापन- अखिलेश कुमार चौधरी ने किया.
अंत में डा. सतीश चन्द्र भगत को जन्म दिवस की शुभकामनायें भी उपस्थित साहित्यकारों ने दिया.

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