Breaking News

कोरोना संक्रमण घटते ही टीबी जांच कराने को लेकर बढ़ी लोगों की संख्या

कोरोना संक्रमण घटते ही टीबी जांच कराने को लेकर बढ़ी लोगों की संख्या

अब रोजाना डेढ़ दर्जन से अधिक मरीज परामर्श को ले पहुंचते ओपीडी

पहले करीब आधा दर्जन लोग चिकित्सकीय उपचार को ले पहुंचते थे विभाग

दरभंगा. 17 फरवरी. डीएमसीएच ओपीडी में टीबी विभाग में जांच कराने आये मरीजों की संख्या बढ़ी है. विभागीय जानकारी के अनुसार पहले की अपेक्षा अधिक लोग विभाग पहुंच रहे हैँ. बताया गया कि फरवरी माह के शुरूआत में करीब आधा दर्जन लोग ही जांच कराने यहां आते थे, लेकिन अब इसकी संख्या में रोजाना बढ़ोतरी हो रही है. इन दिनों करीब डेढ़ दर्जन से अधिक लोग चिकित्सकीय परामर्श व जांच के लिये पहुंचते हैँ. विभाग की ओर से संबंधित लोगों को समुचित रूप से इलाज व दवा दी जा रही है. गुरूवार को ओपीडी में करीब 18 मरीज आये. उन सभी का जांच किया गया. इसके तहत छह मरीजों का स्पूटम फॉर एएफबी, नौ लोगों का ट्रुनेट व तीन का सीबी नेट जांच की गयी. जांचोपरांत दो लोगों में टीबी पायी गयी. उन्हें चिकित्सकीय परामर्श के साथ- साथ मुफ्त में दवा दी गयी. अब इन दों मरीजों को विभाग की ओर से छह माह तक पांच सौ रूपये दिये जायेंगे. इस प्रकार मरीजों को आर्थिक सहायता के रूप में कुल तीन हजार रूपया दिया जायेगा.

समय से सही इलाज व जांच होना जरूरी
सिविल सर्जन डॉ एके सिन्हा ने कहा कि टीबी एक संक्रामक बीमारी है, जो ट्यूबरक्युलोसिस बैक्टीरिया के कारण होती है. इस बीमारी का सबसे अधिक प्रभाव फेफडों पर होता है. फेफड़ों के अलावा ब्रेन, यूटरस, मुंह, लिवर, किडनी, गले आदि में भी टीबी हो सकती है. कहा कि सबसे कॉमन फेफड़ों का टीबी है, जो कि हवा के जरिए एक से दूसरे इंसान में फैलती है. टीबी के मरीज के खांसने और छींकने के दौरान मुंह-नाक से निकलने वालीं बारीक बूंदें इन्हें फैलाती हैं. फेफड़ों के अलावा दूसरी कोई टीबी एक से दूसरे में नहीं फैलती. टीबी खतरनाक इसलिए है क्योंकि यह शरीर के जिस हिस्से में होती है, सही इलाज न हो तो उसे बेकार कर देती है. इसलिए टीबी के आसार नजर आने पर सही समय पर जांच करानी जरूरी है.

सभी प्रखंड अस्पतालों में चिकित्सकीय परामर्श की सुविधा
सिविल सर्जन ने कहा कि टीबी मरीजों की जांच के लिये सभी प्रखंड अस्पतालों में चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध है. किसी प्रकार की समस्या होने पर निकट के सरकारी अस्पताल में संपर्क किया जा सकता है. वहां डॉक्टर उन्हें उचित परामर्श देंगे. गंभीर व बेहतर उपचार की स्थिति में मरीजों को जिला अस्पताल में रेफर कर दिया जायेगा. प्रखंडों से रेफर करने के बाद मरीजों को डीएमसीएच में बेहतर इलाज की जाती है. संबंधित जांच के बाद नि:शुल्क दवा दी जाती है. इसका लाभ आमजनों को लेनी चाहिये.

Check Also

• आयुक्त की अध्यक्षता में स्वास्थ्य विभाग के कार्यों की विस्तृत समीक्षात्मक बैठक आयोजित… 

🔊 Listen to this   • आयुक्त की अध्यक्षता में स्वास्थ्य विभाग के कार्यों की …