जानकी नवमी पर हराही पोखर के पास 11 हजार दीप जलाकर जानकी आरती सह दीपोत्सव मनाएगा एमएसयू

संगठन के द्वारा पुरे देश में सेकरों जगह पर मनाया जा रहा है जानकी नवमी
10 मई को हराही पोखर पे दीपोत्सव जानकी आरती पारंपरिक नृत्य संगीत का भी किया गया है आयोजन*
मिथिला स्टूडेंट यूनियन के दरभंगा कार्यालय पर प्रेस वार्त्ता का आयोजन संगठन के मनीष पांडे के नेतृत्व में किया गया। जिस प्रेस वार्त्ता को मिथिलावादी नेता इंजीनियर शरत कुमार झा, विद्याभूषण रॉय और उदय नारायण झा ने संबोधित किया ।
मिथिलावादी नेताओं ने प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि 10 मई 2022 को जगत जननी जानकी का अवतरण/ प्राकट्य दिवस है। बिना सीता राम अधूरा है परंतु देश की वर्तमान सरकार व शासन माँ जानकी को उपेक्षित रखा है। इसी संदर्भ मिथिला स्टूडेंट यूनियन( मिथिलावादी विचारधारा) के नेताओं ने यह तय किया है कि प्राकट्य दिवस के अवसर पर देश सहित सम्पूर्ण मिथिला मे धूमधाम से जानकी अवतरण दिवस का आयोजन विभिन्न स्थानों पर किया जाए
वक्ताओं ने कहा कि – मिथिला के लिए जानकी सिरमौर है, जानकी प्रतिष्ठा है। दिनांक 10 मई 2022 को सायंकाल 06 बजे से “जानकी आरती सह दीपोत्सव” का कार्यक्रम रखा गया हैं। जिसमें जानकी के अवतरण दिवस के अवसर पर 11000 दीप जलाकर मैथील एकता व मैथलीत्व का परिचय देंगे। आपसी एकजुटता को दर्शाने का काम करेंगे यह संदेश देना चाहेंगे
कि मैथिल अपने क्षेत्र , संस्कार, संस्कृति, परंपरा, धरोहर हेतु एकजुट है और सत्ता साशन जब जब इसे उपेक्षित करने का प्रयास करेगा हम सभी एक सूत्र में बांधकर चट्टानी एकता से जोरदार प्रतिकार करने का काम करेंगे इस वर्ष मिथिला स्टूडेंट यूनियन मिथिलावादी पार्टी के द्वारा देश भर में सेकरों जगह पर जानकी नवमी का आयोजन बड़ी धूम धाम से किया जा रहा है एमएसयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता अमन सक्सेना पूर्व दरभंगा जिलाध्यक्ष अभिषेक कुमार झा शिवेंद्र वत्स और विनय ठाकुर ने कहा माँ सीता का जन्म मिथिला के इस महान धरती पर हुआ है जिस तरह से उड़ीसा के लोग भगवान जग्गन्नाथ को पूजते है जिस तरह से आंध्र प्रदेश के लोग भगवान तिरुपति बालाजी को पूजते है जिस तरह से मध्य प्रदेश के लोग महाकाल को पूजते है उसी तरह से मिथिला के लोगो को माँ सीता को पूजने की जरुरत है हमलोग बाहर के सभी सभ्यता को अपना लिए लेकिन अपनी बहन बेटी सामान माँ सीता को भूल गए आज रामनवमी हर जगह मनाया जाता है लेकिन जानकी नवमी एकाद जगह ही मनाया जाता है हम इसी परम्परा को बदलने आये है मिथिला के साथ साथ देश के अन्य जगह पर इस वर्ष जानकी नवमी की शुरुवात किया जा रहा है अगले वर्ष तक इसे 500 जगह पर करने का लक्ष्य रखा गया है ताकि माँ सीता को उनका सम्मान दिलाया जा सके हम किसी महोत्सव जयंती का विरोध नहीं कर रहे है हम कह रहे है यहां जानकी नवमी भी बड़े धूम धाम से मनाया जाना चाहिए अगर माँ सीता को हम नहीं पुजेंगे तो कौन पूजेगा इस महोत्सव की शुरुवात यहां से होकर पुरे देश तक इसे ले जाने का ही लक्ष्य हमारा है इसी करी में 10 मई को 11 हजार दीप जलाकर दीपोत्सव मनाया जायेगा जिसमे दरभंगा के लोगो से आग्रह है की इस भव्य दीपोत्सव में शामिल होकर माँ जानकी के नाम का एक दिया जरूर जलाये
कार्यक्रम का रूपरेखा इस प्रकार है :
दीपोत्सव ( 11 हजार दीप)
जानकी आरती ( बंगाल व मिथिला के कालकार द्वारा)
पारम्परिक नृत्य ( मोहित खंडेलवाल)
गायन ( माधब राय व MLSM कॉलेज संगीत विभाग के छात्र-छात्रा) द्वारा किया जाएगा ।
स्थान -हराही पश्चिमी
इस अवसर पर आयोजित होने वाले कार्यक्रम में शहर समेत मिथिला के प्रबुद्ध विद्वान , साहित्यकार , प्रसाशनिक पदाधिकारी समेत बहुत मिथिला-मैथिली के चिन्तक को आमंत्रित किया गया है.
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