बिहार के बच्चों के भविष्य को बर्बाद कर रहा है बिहार का शिक्षा विभाग।

पटना शिक्षा से ही बिहार के बच्चों तथा बिहार का भविष्य बदल सकता है, लेकिन बिहार के शिक्षा विभाग की सुस्ती और लापरवाही देख के लगता है की शिक्षा का 16% बजट एक मात्र जुमला साबित हो रहा है।
आप, प्रदेश प्रवक्ता गुलफिसा यूसुफ ने बताया कि कटिहार जिले के मनिहारी ब्लॉक के सरकारी स्कूल से एक तस्वीर सामने आई है जिसमे, एक ही ब्लैक बोर्ड पर उर्दू और हिंदी की पढ़ाई कराई जा रही है।
आदर्श मिडिल स्कूल के दो अलग अलग क्लास के बच्चे एक ही क्लास में बैठने को मजबूर है, इससे भी बड़ी चिंता की बात ये है की अलग अलग क्लास के बच्चे एक ही ब्लैक बोर्ड के आधे आधे हिस्से में पढ़ाई कर रहे हैं।
शिक्षा की गुणवक्ता, और स्कूल की इन्फ्रास्ट्रक्चर दोनो की असलियत को जनता के सामने रख दिया है और शिक्षा विभाग के किताबी आंकड़े और जुमलेबाजी से भरे वादे को झूठा साबित कर दिया है।
शिक्षा बच्चों का मौलिक अधिकार है, ये संविधान के द्वारा बच्चों को प्राप्त है, इसीलिए सरकार को अपने दायित्व का निर्वाह ईमानदारी से करना चाहिए।
गुलफिसा यूसुफ ने आगे कहा की बिहार शिक्षा विभाग दिल्ली के सरकारी स्कूलों से कुछ सीख सकती है, और बिहार को भी क्वालिटी एजुकेशन दे सकती है। बस सरकार की नियत साफ होनी चाहिए।
Darbhanga News24 – दरभंगा न्यूज24 Online News Portal