डीएमसीएच में पहली बार क्लब फुट के बच्चों का शुरू किया जायेगा सर्जरी
प्रत्येक शुक्रवार को ऑर्थो विभाग में बच्चों का उपचार व किया जायेगा ऑपरेशन
आरबीएसके के सहयोग से 12 साल तक के बच्चों का किया जायेगा निशुल्क इलाज

दरभंगा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में पहली बार क्लब फुट से पीड़ित बच्चों का सर्जरी किया जायेगा. आरबीएसके की ओर से इन बच्चों का नि:शुल्क ऑपरेशन प्रारंभ किया जायेगा. वहीं जरूरत पड़ने पर क्योर इंडिया की ओर से इन बच्चों को जुता मुहैया करायी जायेगी. इसके तहत जन्म से 12 साल तक के बच्चों को चिकित्सकीय परामर्श के बाद आपरेशन किया जायेगा. यह व्यवस्था शुरू होने से मरीज व परिजनों ने अस्पताल प्रशासन की सराहना की है. विदित हो कि इससे पहले सुविधाओं के अभाव में मुड़े हुये पैर से संबंधित बिमारी से ग्रसित बच्चों को केवल प्लास्टर कर छोड़ दिया जाता था. इसके तहत उनका कई बार प्लास्टर करने के बाद स्थिति का अवलोकन किया जाता है. उसके बाद जरूरत पड़ने पर आपरेशन की जाती है. इस लंबी प्रक्रिया में बच्चे व परिजनों को काफी परेशानी होती थी, लेकिन अब यह व्यवस्था डीएमसीएच में होने से परिजनों को इलाज में सुविधा मिल गयी है. चिकित्सकों के अनुसार इस बिमारी के उपचार में लंबा समय लगता है. बाहर उपचार कराने पर परिजनों को 50 हजार से एक लाख रूपया तक खर्च करना पड़ता है.
आमतौर पर बिना सर्जरी के हो सकता उपचार
ऑर्थो विभागाध्यक्ष डॉ एसएन सर्राफ ने बताया कि क्लब फुट का हिंदी में अर्थ है – जन्म से पैर अंदर की ओर मुड़ा होना. इसे टेलिप्स भी कहा जाता है. यह जन्म दोष एक या दोनों पैरों को प्रभावित कर सकता है. जल्दी उपचार से इसे सही करने में मदद मिलती है. डॉक्टर आमतौर पर बिना सर्जरी के क्लब फुट का इलाज कर सकते हैं, हालांकि कभी- कभी बच्चों को सर्जरी की आवश्यकता होती है. बताया यदि बच्चे को क्लब फुट है, तो उसका एक या दोनों पैर नीचे की तरफ और अंदर की और मुड़े हुए होते हैं. क्लब फुट बच्चों के लिए दर्दनाक नहीं है, लेकिन अगर इसका इलाज नहीं किया जाता है, तो यह दर्दनाक हो सकता है और जब वे बड़े होते हैं तो उनका चलना मुश्किल हो जाता है. क्लब फुट काफी आम है.
विश्व क्लब फुट दिवस पर 31 बच्चों की हुई जांच
शुक्रवार को विश्व क्लब फुट दिवस के अवसर पर शुक्रवार को राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम एवं क्योर इंडिया के सहयोग से क्लब फुट जागरूकता अभियान का आयोजन किया गया, जिसमें हड्डी रोग विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ एसएन सर्राफ ने इलाज करा रहे 31 बच्चों का जांच किए और उनके अभिभावक को इससे निजात दिलाने के लिए ससमय विभाग पहुंचकर लगातार इलाज कराने के लिए कहा. डॉ एसएन सर्राफ ने कहा कि प्रत्येक शुक्रवार को विशेष रूप से क्लब फुट वाले बच्चों को प्लास्टर एवं सर्जरी किया जाएगा, अधीक्षक के द्वारा सर्जरी का उपकरण भी उपलब्ध करा दिया गया है. मौके पर हॉस्पिटल कोऑर्डिनेटर आरबीएसके डॉ केशव किशोर, उमा भारती एवं ऑर्थो विभाग के पदाधिकारी तथा कर्मी उपस्थित थे.
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