अतिक्रमणकारियों द्वारा वार-वार हंगमा एवं गाली-गलौज तथा मार.पीट करने के विरोध में सांकेतिक धरना।

राजकीय कामेश्वर सिंह आयुर्वेदिक चिकित्सालय, कामेश्वर नगर, दरभंगा के परिसर में प्राचार्य-सह-अधीक्षक, वरीय चिकित्सक, विशेषज्ञ चिकित्सक एवं चिकित्सालय कर्मियों एवं रोगियों के सुरक्षा के लिए दैनिक चिकित्सा कार्य करने के पश्चात प्राचार्य-सह-अधीक्षक, वरीय चिकित्सक, विशेषज्ञ चिकित्सक एवं चिकित्सालय कर्मियों के साथ-साथ काफी संख्या में आये हुए रोगी भी अपराह्न 2ः00 बजे से संध्या 4ः00 बजे तक गांधीवादी तरीके से सांकेतिक धरना पर बैठे। सभी को ज्ञात है कि राजकीय कामेश्वर सिंह आयुर्वेदिक चिकित्सालय, कामेश्वर नगर, दरभंगा के परिसर में अवैध रूप से रह रहे लोगों एवं अतिक्रमणकारियों द्वारा बार-बार मार पीट, हंगामा, गाली-गलौज एवं सरकारी काम-काज में बाधा उत्पन्न किया जाता है। जिसके कारण चिकित्सालय के चिकित्सक सहित कर्मचारी असुरक्षित महसूस कर रहे है, इन्हें यह भय है कि कल होकर इन अतिक्रमणकारियों द्वारा प्राचार्य समेत चिकित्सकों एवं कर्मियों पर भी हमला करने अथवा किसी (SC/ST Act.) एवं अन्य आरोपों में गलत तरह से फॅसाया जा सकता हैं। अतिक्रमणकारियों द्वारा विशेष रूप से महिलाओं को आगे करके अभद्र एवं अमर्यादित व्यवहार करते हुए हर वक्त फसाने मार-पीट करने एवं हत्या का प्रयास एवं परेशान किया जाता है। इसके पूर्व भी अतिक्रमणकारियों द्वारा चिक्त्सिलय के अंतरंग विभाग में ताला बन्द कर दिया गया था। जिसपर स्थानीय थाना में प्राथमिकी भी दर्ज हुआ है। परन्तु इस पर अभी तक कोई कारवाई नहीं हुआ है। इस से पहले कईबार अतिक्रमणकारियों द्वारा संस्थान के मान्यता के लिए आये दल एवं निर्माण हेतु मापी करने आये दल के साथ भी हंगामा एवं प्रदर्शन किया जाता रहा है। हर दिन यहां कार्य करने वाले सभी लोग भय के साये में जीने को विवश है। एक तरफ सेवा भाव तथा कर्तव्य है और दूसरी तरफ स्थानीय प्रशासन एवं विभाग की उदासीनता के कारण अतिक्रमणकारियों का भय फलस्वरूप अतिक्रमणकारियों का मनोबल बढ़ रहा है। निकट भविष्य में सरकार स्थानीय प्रशासन एवं विभाग के सहयोग एवं सुरक्षा के विना यहां कार्य करना असम्भंव हो जायेगा। अगर किसी को किसी प्रकार की दुविधा या शंका हो तो उसका समाधान शांति पूर्ण तरीके से संभंव है न कि मार-पीट, गाली-गलौज या चिकित्सालय को क्षति पहुचाकर। जहा प्रतिदिन लगभग 200 मरीजों का सफल इलाज होता है। वही 24 धंटे चिकित्सक एवं कर्मी भय से अकरान्त रहते है। इस पर प्रशासन का ध्यान नही गया तो निकट भविष्य में यहां का जनमानस इस सुविधा से बंचित हो सकता है। यह एक बहुत ही दुःखद एवं गंभीर प्रश्न है। हलाकि दरभंगा के जिला पदाधिकारी द्वारा 1-4 का सशस्त्र पुलिस बल एक सप्ताह के लिए मुहया कराने हेतु वरीय पुलिस अधीक्षक, दरभंगा को आदेश निर्गत किया गया है। जिससे समस्या का समाधान प्रतीत नहीं होता है। उनसे स्थायी रूप से 24 धंटे 1-4 का सशस्त्र पुलिस बल एवं एक बोडी गार्ड के लिए निवेदन किया गया है। जो विचाराधीन है। 07 जून को अतिक्रमणकारियों द्वारा अंतरंग विभाग में बल पूर्वक बंद किये गये ताला को खोलबाने हेतु अनुमंडल पदाधिकारी, दरभंगा द्वारा अंचलाधिकारी, सदर, दरभंगा को पत्र लिखा गया है। परन्तु अभी तक बंद ताला नहीं खोलबाया जा सका है। फलस्वरूप संस्थान की मान्यता मिलने की भी सम्भावना छिन होती जा रही है। आपसवों के माध्यम से जिला प्रशासन से निवेदन है कि इस पर शीध्रताशीध्र कोई ठोस कारवाई किया जाय। ताकि भय मुक्त होकर चिकित्सालय एवं संस्थान में हमसव सेवा दे सके। सवों के धन्यवाद देते हुए राष्ट्र गान के साथ धरना समाप्त किया गया।
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