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दरभंगा तंबाकू का प्रयोग करने वाले लोगों में टीबी होने का खतरा तीन गुना ज्यादा- सीडीओ

जिला में छह माह में निकले 4851 टीबी के मरीज
-ग्रामीण क्षेत्र में टीबी के अपेक्षाकृत कम केस
= शहर में निकले 3424, ग्रामीण क्षेत्र में निकले महज 1427 टीबी के मरीज
-पिछले साल जांचोपरांत जिला में मिले थे 7803 टीबी के केस
-तंबाकू का प्रयोग करने वाले लोगों में टीबी होने का खतरा तीन गुना ज्यादा- सीडीओ

दरभंगा, सरकार ने वर्ष 2025 तक पूरे देश को टीबी मुक्त करने का संकल्प लिया है. इसे लेकर विभाग की ओर से निरंतर जांच की प्रक्रिया चलायी जा रही है. जांच की सुविधा सभी पीएचसी, दरभंगा मेडिकल कॉलेज, सिविल सर्जन कार्यालय परिसर में उपलब्ध है. विदित हो कि विभाग की ओर से की गई जांच में बीते छह माह में अब तक 4851 लोग टीबी के मरीज निकले. विभागीय जानकारी के अनुसार पिछले साल कोरोना संक्रमण के मद्देनजर कम जांच हो पायी थी. बावजूद 7803 केस निकले थे. उनको नि:शुल्क दवा दी जा रही है. साथ ही काउंसेलर के द्वारा समय- समय पर परामर्श दी जा रही है. सीडीओ अशोक कुमार सिंह ने बताया कि टीबी के मरीजों को सरकार द्वारा निःशुल्क दवा व पोषण के लिये पांच सौ राशि भी उपलब्ध कराई जा रही है. लेकिन लोगों में तंबाकू के सेवन व धूम्रपान की लत टीबी जैसे घातक बीमारियों के संक्रमण दर में बढ़ोतरी प्रदर्शित कर रहा है. टीबी मुक्त भारत का सपना साकार नहीं हो पाएगा ऐसी परिस्थिति में लोगों को जागरूक होना होगा तथा तंबाकू सेवन एवं धूम्रपान की लत से दूरी बनानी होगी.
गांव के लोग टीबी की जांच में उत्सुक नहीं–
विभागीय जानकारी के अनुसार शहरी क्षेत्र में अपेक्षाकृत अधिक जांच होती है. इसमें बहादुरपुर व सदर का क्षेत्र भी शामिल है. बताया गया कि अभी भी गांव में कम लोग जांच के लिये पीएचसी पहुंचते हैं. इसलिये वहां कम केस निकलता है. वहां शहर की अपेक्षा टीबी का केस महज एक चौथाई है. शहर में पिछले छह माह में जांचोपरांत 3424 केस निकले हैं. वहीं ग्रामीण क्षेत्र से मात्र 1427 टीबी के मरीजों की शिनाख्त हो पायी है. इसे लेकर लोगों को जागरूक करने की बात विभाग ने कही है.
परिजनों में संक्रमण का खतरा-
सीडीओ डॉ सिंह ने कहा कि आंकड़े का अनुसार तंबाकू के सेवन करने वाले लोगों में टीबी होने का खतरा तीन गुना ज्यादा होता है. टी.बी. से होने वाली मृत्यु भी तीन से चार गुना अधिक होती है. यदि ऐसे रोगी अपना पूरा उपचार ना लें अथवा पूरी तरह से ठीक ना हों, तो उनके परिजनों में टी. बी. होने का खतरा बढ़ जाता है. तंबाकू के सेवन से कैंसर ही नहीं टीबी बीमारी भी हो रही है. कहा कि टी.बी. रोग फेंफडों में कई प्रकार की विकृतियाँ उत्पन्न करता है. (सांस की नालियों में संक्रमण, उनका अनियमित चौड़ा पन या बराबर सिकुड़ा बना रहना ), टीबी रोगियों द्वारा धूम्रपान करते रहने से इन विकृतियों में बढोतरी होती है. इनके साथ रहने वालों में टी.बी. होने का खतरा बढ़ जाता है.
जिला में टीबी मरीजों की संख्या-
जनवरी 232
फरवरी 733
मार्च 1011
अप्रैल 939
मई 839
जून 871
जुलाई (11 तक) 226
कुल केस 4851।

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