बढ़ते फासीवाद के खिलाफ संविधान, लोकतंत्र की रक्षा और जनता से जुड़े जनमुद्दों पर संघर्ष को मजबूत करने के लिए भाकपा माले का 12 वां जिला सम्मेलन शुरू

अगस्त क्रांति के महीनें में बिहार से फासीवादी ताकतों को सत्ता से उखाड़ फेकने में महागठबंधन सफल, देश से उखाड़ फेंकने के लिए संघर्ष को मजबूत करें- प्रो. उमेश कुमार
बिहार में सत्ता परिवर्तन ने दिल्ली की नींद उड़ा दी – डॉ. अजीत कुमार चौधरी
फासीवादी बर्बरता के खिलाफ अमन, और न्याय पसंद आम अवाम को एकजुट होना होगा- डॉ. सुरेंद्र सुमन
शोषित, उत्पीड़ित जनता के मानसम्मान, हक अधिकारों के लिए कुर्बानी देने वाली पार्टी का नाम माले है, इस लड़ाई दरभंगा की जनता एकजुट हो- नेयाज अहमद
दरभंगा:- भाकपा माले का 12 वाँ जिला सम्मेलन आज जीबछ घाट, दरभंगा में कॉमरेड हरेराम पासवान-कॉमरेड बाला सदा सभागार, रेणु-नागार्जुन नगर में शुरू हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत में पार्टी के वरिष्ठ नेता कॉमरेड आर.के सहनी. के द्वारा लाल झंडा और राज्य कमिटी सदस्य कॉमरेड शनिचरी देवी के द्वारा तिरंगा झंडा फहराया गया। इसके बाद शहीद वेदी पर पुष्पांजलि एवं शहीद गीत से सम्मेलन का विधिवत उद्घाटन हुआ।
कार्यक्रम के पहले सत्र में जनसंस्कृति मंच की नाट्य एवं गायन टीम ‘अनहद’ के द्वारा जनवादी गीतों की प्रस्तुति ‘अनहद’ के संयोजक राजू कुमार रंजन की नेतृत्व में हुई।
सम्मेलन के पर्यवेक्षक प्रो. उमेश कुमार ने इस अवसर पर कहा कि ‘ये अगस्त वो माह है जिसमें अनेक क्रान्तियाँ हुई हैं। 9 अगस्त को अगस्त क्रांति के दिन बिहार की राजनीति में एक बहुत बड़ा भूचाल आया। एक साप्रदायिक शक्ति जो सत्ता में कुंडली मार कर बैठी थी, उसे गद्दी से उतार दिया गया। भाजपा को गद्दी से उतारने में तमाम विपक्षी दलों का योगदान रहा। इसमें हमारी पार्टी का महत्वपूर्ण योगदान है। इस जिला सम्मेलन के मार्फ़त से हम नई जिला कमिटी के नेतृत्वकारी टीम के ज़रिए दरभंगा जिला में संघर्ष को आगे बढ़ाएंगे।”
जिला सम्मेलन को उद्घाटन करते हुए दरभंगा के महत्वपूर्ण समाजसेवी, बुद्धिजीवी डॉ. अजीत कुमार चौधरी ने कहा ‘ एक ऐसे समय में जब घटनाक्रम इतनी तेजी से बदल रहा है, ऐसे समय में बिहार में सत्ता परिवर्तन ने दिल्ली की नींद उड़ा दी है।
आगे उन्होंने कहा कि भारतवर्ष को बदलने में गाँधी, अम्बेडकर, लोहिया की तरह लाल झंडे का शानदार इतिहास रहा है। ऐसे समय में जब सेक्युलरिज्म गाली हो जाए, जब रोजगार की बात करने पर हम देशद्रोही हो जाएं तो सभी तरह से जनतंत्र की रक्षा करने की चाहत रखने वाले, गरीब-गुरबा लोगों के अधिकारों की रक्षा के लिए, शिक्षा-स्वास्थ्य-रोजगार-लैंगिक समानता- जातिगत भेदभाव से मुक्ति के लिए तमाम लोगों का एक महामोर्चा बना कर सभी जनविरोधी ताकतों को बंगाल की खाड़ी में बहा देने की जरूरत है। इसके साथ ही राजनीतिक बौद्धिक बहसों को तेज करें। जनता की पुनर्स्थापना के लिए, बिहार और भारत की आत्मा की रक्षा के लिए हो रहे इस जिला सम्मेलन को मेरा सलाम।”
बतौर मुख्य वक्ता उपस्थित जसम राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य डॉ. सुरेंद्र सुमन ने कहा, ‘ आज ऐसे दौर में हमारा 12वाँ जिला सम्मेलन हो रहा जब पूरे देश में फासीवादी बर्बरता चरम पर है। जो लोग सत्ता से सवाल पूछते हैं,उन्हें जेलों में बंद कर दिया जा रहा। तरह-तरह की यातनाएँ दी जा रही हैं। लेकिन यह याद रखना होगा कि बिहार नागार्जुन की धरती है, बिहार माले की धरती है। बिहार की धरती पर फासीवादी ताकतों को नहीं चलने देंगे। आज जो राजनीतिक परिवर्तन हम देख रहे हैं, महागठबंधन को धारदार बनाने में भाकपा माले की बड़ी भूमिका है।
आज हम यह संकल्प लें कि दरभंगा को आप आंदोलन के केंद्र के रूप में विकसित कीजिये। हम पूरे मिथिलांचल की राजनीतिक दशा और दिशा बदलने में निर्णायक साबित होंगे।”
भाकपा माले के राज्य कमिटी सदस्य नेता नेयाज अहमद ने कहा कि शोषित, उत्पीड़ित जनता के मानसम्मान, हक अधिकारों के लिए कुर्बानी देने वाली पार्टी का नाम माले है, इस लड़ाई दरभंगा की जनता एकजुट हो। ‘दरभंगा जिला में दलित उत्पीड़न के सवाल पर, स्त्री उत्पीड़न के सवाल पर और तमाम अक्लियतों पर हो रहे हमलों के खिलाफ भाकपा माले अकेली अपने क्रांतिकारी तेवर में लड़ती रही है। जनता की जो अपेक्षाएं हैं महागठबंधन की सरकार से उन अपेक्षाओं को धरातल पर साकार कराने का प्रयास हम पहले भी करते रहे और आगे भी करते रहेंगे।’
वही भाकपा(माले) जिला सचिव बैद्यनाथ यादव ने कहा कि भाजपा को जमीन से उखाड़ फेंकने की चुनौती सभी कार्यकर्ता को लेना है। उन्होंने कहा की पुरे दो दिन संगठन पर बहस कर भाकपा(माले) को मजबूत करने का संकल्प लिया जाएगा।
इस अवसर पर राज्य कमिटी सदस्य अभिषेक कुमार, शनिचरी देवी, अशोक पासवान, भूषण मंडल, पप्पू पासवान, अबधेश सिंह, अशोक पासवान सहित कई लोगो ने संबोधित किया।
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