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12 से 17 सितंबर तक होगा विश्व रोगी सुरक्षा सप्ताह दिवस का आयोजन •जिला स्तर पर पोस्टर प्रतियोगिता का होगा आयोजन

12 से 17 सितंबर तक होगा विश्व रोगी सुरक्षा सप्ताह दिवस का आयोजन
•जिला स्तर पर पोस्टर प्रतियोगिता का होगा आयोजन
• मेडिकेशन सेफ्टी इस वर्ष का थीम
• रोगी सुरक्षा को लेकर ली गयी शपथ

समस्तीपुर प्रत्येक वर्ष विश्व रोगी सुरक्षा दिवस मनाया जाता है। जिसका उद्देश्य सुरक्षित स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना एवं अधिक से अधिक आम जनों तक इसकी जानकारी पहुंचाना है। ,वर्ष 2022 में जन जागरूकता हेतु मेडिकेशन सेफ्टी थीम का चयन किया गया है। भारत सरकार की ओर से विश्व रोगी सुरक्षा सप्ताह 12 से 17 सितंबर तक आयोजित किया जा रहा है । जिसे लेकर सदर अस्पताल के एसएनसीयू सभागार में रोगी सुरक्षा को लेकर शपथ समारोह का आयोजन किया गया । मरीजों की सुरक्षा (पेशेंट सेफ्टी) एक वैश्विक सार्वजनिक स्वास्थ्य चिंता है और स्वास्थ्य देखभाल का एक मूलभूत सिद्धांत। इस सप्ताह का मुख्य उद्देश्य देश दुनिया के सभी हिस्सों में पेशेंट सेफ्टी के मुद्दे के बारे में जागरूकता बढ़ाना है। पेशेंट सेफ्टी स्वास्थ्य देखभाल की प्रक्रिया के कारण रोगियों को होने वाले नुकसान को रोकने के महत्व पर प्रकाश डालता है। .पेशेंट सेफ्टी में सुधार का अर्थ है रोगी को होने वाले नुकसान को कम करना।

स्वास्थ्य कर्मियों की सबसे बड़ी जिम्मेदारी रोगियों की सुरक्षा :

सिविल सर्जन डॉ. एसके चौधरी ने कहा किसी भी स्वास्थ्य कर्मी की सबसे पहली और सबसे बड़ी जिम्मेदारी रोगियों की सुरक्षा होती है| रोगियों की सुरक्षा के लिए सभी चिकित्सकों के साथ ही अन्य कर्मियों को भी स्वास्थ्य सेवाओं को अनुशासित और सुरक्षित बनाने की जरूरत है. सभी कर्मी समाज के प्रति जवाबदेह हैं। रोगियों की जांच के साथ ही उन्हें उनके स्वास्थ्य के प्रति जागरूक भी करें जिससे वे स्वयं का बेहतर ध्यान रख सके।

इन गतिविधियों का किया जाएगा आयोजन:
• विश्व रोगी सुरक्षा दिवस के दौरान मेडिकेशन सेफ्टी के महत्व के बारे में कर्मचारियों को संवेदनशील बनाने हेतु वक्ताओं को आमंत्रित करना
• समान दिखने वाली दवा और समान नाम जैसी दवा की पहचान, सूचीकरण और भंडारण के महत्व पर कर्मचारियों को संवेदनशील बनाना
• विभाग द्वारा एक जैसे दिखने वाले और एक जैसी नामों वाली दवाओं की पहचान कर अस्पताल के क्लिनिकल डिपार्टमेंट द्वारा सूची तैयार करना.
• हाई अलर्ट ड्रग्स की पहचान, सूचीकरण और सीमांकित भंडारण के महत्व पर कर्मचारियों को संवेदनशील बनाना|
•रोगी सुरक्षा पर हाई अलर्ट दवाओं से संबंधित स्टाफ जागरूकता जारी करना.
• दवाओं और निदान के तर्कहीन उपयोग ,एंटीबायोटिक उपयोग पॉलिफार्मेसी, हस्तलेखन की सुगमता आदि भी पहचान के लिए रैंडम ढंग से चयनित 30 नुस्खों का पर्चा ऑडिट.
•मेडिकेशन सेफ्टी पर पोस्टर प्रतियोगिता.
•हाई -अलर्ट दवाओं के कारण संभावित खतरनाक स्थितियों से निपटने के लिए निवारक कार्रवाई.
•मौजूदा प्रथाओं में सुधार के लिए कार्रवाई।
मौके पर राज्य स्वास्थ्य समिति से डॉक्टर एनके सिंह एवं डॉ अनुपम सिंह डीपीएम सोरेंद्र दास डीपीसी डॉक्टर आदित्य नाथ झा ,डीसीक्युए डॉ ज्ञानेंद्र एवं केयर इंडिया के डीटीएल डॉ प्रशांत ईश्ववल के अलावा सदर अस्पताल के मेडिकल ऑफिसर एवं स्टाफ नर्स
आदि मौजूद थे.

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