किशोरावस्था में बच्चों को स्वस्थ रहने के लिए खानपान के साथ कसरत ज़रूरी- डॉ उमाशंकर
अभिभावकों को बच्चों पर देना होगा खास ध्यान
योग से मन को मिलती शांति, नियमित रूप से करना आवश्यक
दरभंगा. जीवन को बेहतरीन तरीके से जीने के लिए स्वस्थ रहना बेहद जरूरी है. क्योंकि, जब शरीर स्वस्थ होता है, तभी आप कोई भी कार्य अच्छे ढंग से कर पाते हैं. स्वस्थ रहने के लिए हमें दो चीजों पर खासा ध्यान देना होता है-खानपान व कसरत. जहां बात किशोरावस्था के बच्चों की आती है, तो यह उम्र का वह पढ़ाव है जहां अभिभावक बच्चे में जैसी आदत डालेंगे, उन्हें वैसी ही पड़ जायेगी. ऐसे में बच्चे को स्वस्थ खानपान के साथ एक्सरसाइज करने की नियमित आदत डालें. जानें इस उम्र में बच्चे किस तरह की एक्सरसाइज कर सकते हैं.
कसरत से अंदरूनी ऊर्जा में होती बढ़ोतरी
सदर पीएचसी प्रभारी डॉ उमाशंकर प्रसाद ने कहा किशोरावस्था में बच्चों के अंदर इतनी अधिक ऊर्जा होती है कि उनसे जो मर्जी व्यायाम बोल दें, वे तुरंत कर लेते हैं. आप उन्हें स्ट्रेंथ ट्रेनिंग करने के लिए प्रोत्साहित करें. जैसे-रस्सी कूदना, साइकिल चलाना, उठक-बैठक, जंपिंग आदि. क्योंकि, इससे उनके अंदर ऊर्जा की वृद्धि होती है. साथ ही बच्चा अगर दुबला है, तो उसकी मांसपेशियों में जान आ जाती है और अगर बच्चा मोटा है, तो चर्बी कम करने के लिए भी यह मददगार है. कहा कि
अंदरूनी मजबूती के लिए योग की सबसे बड़ी खासियत है कि ये अंदरूनी तौर से मजबूत बनाता है. साथ ही दिमाग को शांत रखता है. आजकल बच्चों के बीच पढ़ाई और बाकी सभी चीजों को लेकर एक-दूसरे से प्रतिस्पर्धा होने लगी है, जिससे टीनएजर्स बच्चों का स्वभाव गुस्सैल होता जा रहा है. ऐसे में योग उन्हें आंतरिक तौर पर स्वस्थ और शांत रखेगा. सूर्य नमस्कार पूरे शरीर के लिए फायदेमंद होता है. श्रवानासन बच्चों को शांत व आंतरिक रूप से मजबूत बनाते हैं.
खेलकूद में रुचि बढ़ाएं
डॉ प्रसाद ने बताया किशोरावस्था में पहुंचने पर बच्चों में खेलकूद के प्रति दिलचस्पी बढ़ जाती है. ऐसे में उन्हें बढ़ावा दें. किसी भी तरह का आउटडोर खेल उनके लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकता है. बास्केटबॉल, बैडमिंटन, फुटबॉल व टेनिस के लिए आप उन्हें ट्रेनिंग सेंटर में भी डाल सकती हैं. पूरे दिन में एक घंटा खेलना भी बच्चों के शारीरिक व मानसिक विकास के लिए काफी फायदेमंद है.
नृत्य है एक ऊर्जावान व्यायाम
डॉ प्रसाद ने बताया बच्चों के लिए डांस किसी ऊर्जा से कम नहीं है. डांस बच्चों को शारीरिक रूप से एक्टिव बनाता है. लड़कियों को तो वैसे भी डांस बेहद पसंद होता है. ऐसा ही एक डांस है जुंबा. जब जुंबा डांस वर्कआउट करती हैं, तो शरीर के सभी मसल्स सक्रिय होते हैं और दिल की धड़कन बढ़ जाती है.
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