डॉ बना दहेज का सबसे बड़ा अजगर अपने परिवार के साथ मिलकर अपनी ही पत्नी के साथ मारपीट एवं दुर्व्यवहार का मामला आया सामने दहेज में मांगा जा रहा है बीएमडब्ल्यू कार

दरभंगा कादिराबाद के स्थायी निवासी डॉ राजश्री पूर्वे एवं डॉ सुशील पूर्वे के बेटे डॉ ऋषि राज से डॉ अनामिका की शादी बड़े धूमधाम से हुआ वहीं शादी के कुछ दिन के बाद ससुराल वाले दहेज की मांग पूरी नहीं करने की वजह से डॉ अनामिका के साथ मानसिक एवं शारीरिक प्रताड़ना देने लगे वहीं डॉ अनामिका ने अपने माता-पिता को यह सारी बातें बताई तो किसी भी तरह डॉ अनामिका के माता-पिता ने उन लोगों को ब्रिजा की नई कार खरीद कर दे दी लेकिन फिर भी इस कार के मिलने से संतुष्ट नहीं हुए डॉ ऋषि राज और उनके परिवार वाले बार-बार बीएमडब्ल्यू कार एवं अन्य सामान की मांग को लेकर अड़े रहे। वही इस साल होली में जब डॉक्टर अनामिका अपनी पीजी की पढ़ाई पूरी कर अपने ससुराल आई तो ससुराल वाले ने दहेज की मांग पूरी नहीं होने के कारण मारपीट एवं सारा सामान छीन कर घर से बाहर निकाल दिया और अभद्र व्यवहार भी किया। इसी को लेकर डॉ अनामिका के परिवार वाले ने ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय थाना में एक आवेदन दर्ज करवाया कि मेरे साथ अभद्र व्यवहार और मेरे साथ मारपीट कर रहे हैं। मेरे ससुराल वाले और मेरा सारा सामान घर से निकालकर बाहर फेंक दिया गया है। पुलिस ने इस बात को गंभीरता से लेते हुए वहां पहुंची किसी भी तरह पुलिस ने समझा-बुझाकर अंदर सामान रखवाया वहीं डॉ अनामिका ने बताया कि मुझे एक कॉमन रूम दिया गया है। जो कि मैं बाहर से खाना मंगवाकर खाती हु और मेरे ससुराल वाले मुझे किसी भी तरह की सुविधा उपलब्ध नहीं करवाई है अभी तक और मुझे बंद कमरे में रखा जाता है। एक कैदी की तरह और मेरे चारों तरफ सीसीटीवी कैमरा लगा दिया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए न्यायालय ने 2 महीने का प्रोविजनल बेल दिया था। बेल में न्यायालय ने स्पष्ट निर्देश दिया है। कि इन 2 महीनों में लड़का लड़की साथ में समय व्यतीत कर अपने रिश्ते को सुधार करेंगे अगर नहीं किए तो बेल कैंसिल कर उन्हें एरेस्ट किया जाएगा इन 2 महीनों में डॉ अनामिका ने अपने पति से बार-बार माफी मांगती रही लेकिन डॉ ऋषि राज और उनके परिवार वाले नहीं माने एवं किसी भी परिस्थिति में लड़की को रखने के लिए तैयार नहीं न्यायालय ने अपने आदेश में यह भी लिखा गया है। कि लड़के एवं उनकी मां डॉ राजश्री पुर्वे के नकारात्मक सोच एवं उग्र व्यवहार के कारण यह मेडिसिन फैल हो गया। इसलिए एसडीजेएम कोर्ट दरभंगा ने लड़के के जमानत को रद्द करते हुए उसके खिलाफ नन बेलेवल वारंट जारी किया। एवं अन्य अभियुक्त डॉ राजश्री पूर्वे डॉ सुशील पूर्वे डॉ शृष्टि पूर्वे के खिलाफ भी कोर्ट ने समन जारी किया।
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