Breaking News

•मानसिक तनाव आपकी खुशी और मुस्कान को भी चुरा लेता है: सिविल सर्जन

अंतर्राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य दिवस आज

•राज्य स्वास्थ्य समिति बिहार के कार्यपालक निदेशक ने पत्र जारी कर सिविल सर्जन को दिया आवश्यक दिशा निर्देश
•मानसिक तनाव आपकी खुशी और मुस्कान को भी चुरा लेता है: सिविल सर्जन

• मानसिक तनाव से बचने के बारे में दी जाएगी जानकारी

मधुबनी । प्रत्येक वर्ष 10 अक्टूबर को मानसिक स्वास्थ्य केंद्र पर “अंतरराष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य दिवस” का आयोजन किया जाता है। कार्यक्रम को लेकर राज्य स्वास्थ्य समिति,बिहार के कार्यपालक निदेशक संजय कुमार सिंह ने सिविल सर्जन को पत्र जारी कर आवश्यक दिशा निर्देश दिया तथा आम जनमानस में मानसिक स्वास्थ संबंधी जागरूकता पैदा करने के लिए विभिन्न गतिविधियों चिकित्सा परामर्श शिविर इत्यादि का आयोजन करने का निर्देश दिया है। सिविल सर्जन डॉ. सुनील कुमार झा ने बताया तनावग्रस्त जीवनशैली एवं बिगड़ते मानसिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए इसके प्रति जागरूकता पैदा करने और इससे बचने के उपायों पर विचार करने के उद्देश्य से पूरे विश्व में ”अंतर्राष्ट्रीय मानसि‍क स्वास्थ्य दिवस” मनाया जाता है। इस अवसर पर जनमानस में मानसिक स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता एवं चिकित्सकीय परामर्श शिविर कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है। इस दौरान अस्पताल में आने वाले मरीजों को मानसिक तनाव से बचने के बारे में जानकारी दी जायगी तथा विशेष रूप से उनकी काउंसिलिंग की जाएगी । सिविल सर्जन ने कहा कि यह बात हर किसी को हर दिन याद रखनी चाहिए कि तनाव किसी भी समस्या का हल नहीं होता बल्कि कई अन्य समस्याओं को जन्म देता है। उदाहरण के लिए तनाव आपको अत्यधिक सिरदर्द, माइग्रेन, उच्च या निम्न रक्तचाप, हृदय से जुड़ी समस्याओं से ग्रस्त करता है। यह आपका स्वभाव चिड़चिड़ा कर आपकी खुशी और मुस्कान को भी चुरा लेता है। इससे बचने के लिए तनाव पैदा करने वाले अनावश्यक कारणों को जीवन से दूर करना जरूरी ही नहीं अनिवार्य हो गया है।

मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बेहद जरूरी:

एनसीडीओ डॉ एस. पी. सिंह ने कहा कि भागदौड़ भरी जिंदगी में अनियमित जीवनशैली के कारण थकान होना आम बात है। शरीर की थकान जब शारीरिक बीमारी का कारण बनती , तो हम दवाओं या अन्य उपायों के जरिए ठीक हो जाते हैं। वहीं, मानसिक थकान हमें मानसिक तौर पर बीमार कर सकती है। मानसिक तौर पर अस्वस्थ होने की ओर हमारा ध्यान नहीं जाता। कई बार पढ़ाई या काम के बोझ, रिश्ते में दरार, करियर को लेकर हमारी चिंता हमें तनाव देती है और यह लंबे समय तक रहा तो डिप्रेशन यानी अवसाद में तब्दील हो सकता है। ऐसे में मेंटल हेल्थ यानी मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बेहद जरूरी है।

बैनर पोस्टर के माध्यम से किया जायगा जागरूक:

इस मौके पर मानसिक तनाव से बचाव के बारे में लोगों को जागरूक किया जाएगा तथा आवश्यक परामर्श दिया गया। स्वास्थ्य संस्थानों पर बैनर-पोस्टर, हैंडबील, पम्पलेट के माध्यम से कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए जागरूकता अभियान चलाया गया।

24×7 घंटे उपलब्ध है नि:शुल्क मानसिक स्वास्थ्य संबंधित परामर्श की सुविधा:

आमजनों को मानसिक तनाव से दूर रखने व इससे बचाव के लिए कई प्रयास किये जा रहे है। स्वास्थ्य विभाग के 24×7 मानसिक स्वास्थ्य संबंधित परामर्श की सुविधा उपलब्ध करायी गयी है। टॉल फ्री नंबर- 104 पर डायल कर मानसिक स्वास्थ्य संबंधित परामर्श ले सकते है। इसके अलावां नजदीक स्वास्थ्य केंद्रों पर परामर्श की सुविधा उपलब्ध है।

ये लक्षण दिखें तो ले सलाह:

• स्पष्ट रूप से सोचने और दैनिक कार्यकलापों को करने में कठिनाई
• बार-बार एवं गलत, नकारात्मक विचारों का आना
• आदत, मन एवं एकाग्रता में अचानक परिवर्तन का होना
• वैसी चीजों को देखना और सुनना जो आस-पास मौजूद नहीं हो
• आत्महत्या का विचार आना अथवा आत्महत्या करने का प्रयास करना
• क्रोध, भय, चिंता, अपराध बोल, उदासी या खुशी की लगातार अनुभूति
• बिना चिकित्सीय सलाह के औषधियों का अत्यधिक सेवन।

Check Also

• आयुक्त की अध्यक्षता में स्वास्थ्य विभाग के कार्यों की विस्तृत समीक्षात्मक बैठक आयोजित… 

🔊 Listen to this   • आयुक्त की अध्यक्षता में स्वास्थ्य विभाग के कार्यों की …