बाल समिति के सदस्यों ने असम सरकार के मॉडल के तहत बिहार में भी बाल विवाह रोकने का मॉडल लागू करने की मांग

सीतामढ़ी: नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित कैलाश सत्यार्थी कि संगठन बचपन बचाओ आंदोलन की ओर से बथनाहा प्रखंड के रूपौली गांव में गठित बाल समिति के सदस्य ब्रजेश कुमार, रंजय कुमार, सुजय कुमार, भूषण कुमार, सोनू एवं रोहित ने बिहार सरकार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से बाल विवाह रोकने को लेकर असम मॉडल के तहत बिहार मॉडल लागू करने की मांग जनहित में पत्र प्रेषित कर की है. विदित हो कि बाल विवाह को रोकने के लिए असम सरकार जमीनी स्तर पर निर्णायक कार्रवाई कर रही है जिसकी जोर शोर से चर्चा देशभर में हो रही है. बाल समिति के सदस्यों ने जनहित मे मुख्यमंत्री से अनुरोध किया है कि हमारे अपने बिहार राज्य में बाल विवाह को बढ़ावा देने वाले दोषियों के विरुद्ध तुरंत कार्रवाई करवाने की मांग की है. बाल समिति के सदस्यों ने बताया कि बाल विवाह होने से बच्चों के शारीरिक मानसिक स्तर पर मानसिक दबाव पड़ता है और बच्चियाँ शिक्षा से भी वंचित हो जाती है इस सामाजिक कुप्रथा को हमसब मिलकर रोकने के लिए सामूहिक प्रयास करना चाहिए. बिहार में राज्य सरकार बाल विवाह को रोकने के लिए जिला प्रशासन के माध्यम से समय-समय पर जागरूकता अभियान भी चलाती है और जनमानस से अपील भी करती है कि बाल विवाह ना करें. बचपन बचाओ आंदोलन व हम बाल समिति के सदस्य भी निरंतर अपने गांव में बाल विवाह के खिलाफ अभियान चला रहे हैं जरूरत है कि हम सभी मिलकर इस कुप्रथा को खत्म करने के सामूहिक प्रयास करें ताकि बाल विवाह मुक्त गाँव, पंचायत , प्रखंड, जिला एवं बिहार राज्य की परिकल्पना साकार हो सके.
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