बचपन बचाओ आंदोलन, जिला प्रशासन व पुलिस के संयुक्त पहल पर रूकवाया गया बाल विवाह

दरभंगा: नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित कैलाश सत्यार्थी द्वारा स्थपित संगठन बचपन बचाओ आंदोलन के पहल पर जिला प्रशासन दरभंगा एवं जिला पुलिस के द्वारा दरभंगा जिला के तारडीह प्रखंड के नदियामी पंचायत में बीडीओ सह सहायक बाल विवाह निषेध अधिकारी कुमार शैलेंद्र के निर्देशन एवं थानाध्यक्ष सकतपुर अमरनाथ प्रसाद के नेतृत्व में एक 16 वर्षीय नाबालिग लड़के का बाल-विवाह रूकवाया गया। नाबालिग लड़के के बाल विवाह की पूरी तैयारी थी. दूल्हे की गाड़ी सजाई जा रही थी. बारात नदियामी गांव से किरतपुर प्रखंड क्षेत्र के एक गांव में जाना था.ऐन वक्त पर बाल-विवाह की भनक बचपन बचाओ आंदोलन को लग गई। जिसके उपरान्त मौके पर पहुचकर सकतपुर थानाध्यक्ष अमरनाथ प्रसाद ने टीम के साथ नाबालिग दूल्हे के परिवार को बाल विवाह निषेध अधिनियम से संबंधित जानकारी देकर लड़के के पिता से बंधपत्र भरवा कर बाल विवाह रुकवा दी. जो की पूरे पंचायत में चर्चा का विषय बन गया.बचपन बचाओ आंदोलन के निदेशक मनीष शर्मा ने नाबालिग को बाल विवाह से बचाने में दिखाई इस तत्परता के लिए जिला प्रशासन एवं पुलिस की सराहना करते हुए कहा, “नाबालिगों के साथ बाल विवाह जैसे अपराधों की रोकथाम के लिए पुलिस, प्रशासन और बचपन बचाओ आंदोलन के इस तरह के समन्वित प्रयासों से निश्चित रूप से ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी। बाल विवाह के खिलाफ कानूनों पर सख्ती से अमल करने की जरूरत है। बचपन बचाओ आंदोलन की टीम मिथिला क्षेत्र में बाल विवाह जैसी कुरीतियों पर अंकुश लगाने के लिए निरंतर जिला प्रशासन एवं पुलिस के साथ प्रयास कर रही हैं । बाल विवाह शिक्षा , स्वास्थ्य और बचपन पर नकारात्मक प्रभाव डालता हैं। बाल विवाह का सीधा असर न केवल लड़के लड़कियों पर, बल्कि उनके परिवार और समुदाय पर भी होता हैं।”
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