सीएम कॉलेज के ‘यौन उत्पीड़न बचाओ प्रकोष्ठ’ की ओर से हुआ कार्यक्रम का आयोजन
सेल-

समन्वयक प्रो मंजू राय की अध्यक्षता में परिसर में महिलाओं की सुरक्षा विषय पर संगोष्ठी
छात्राओं के लिए सेल्फ डिफेंस का प्रशिक्षण अनिवार्य है। वे अपनी सीमाओं के अंदर रहकर हर कार्य कर सकती हैं। वे आत्मसंयमी बनें,पर अन्याय को चुपचाप सहन ना करें,बल्कि दोषियों को अनिवार्य रूप से सजा दिलाएं। उक्त बातें सीएम कॉलेज के यौन उत्पीड़न बचाव प्रकोष्ठ की समन्वयक प्रो मंजू राय ने “परिसर में महिलाओं की सुरक्षा” विषयक संगोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए कहा। उन्होंने कहा कि स्त्री इस सृष्टि की श्रेष्ठतम रचना है,पर सदियों से चली आ रही पितृसत्तात्मक समाज के कारण उसे अनेक संकटों का सामना करना पड़ा है। उच्चतम न्यायालय के विशाखा गाइडलाइन के अनुसार सभी कार्यक्षेत्रों में एक यौन उत्पीड़न बचा प्रकोष्ठ का गठन अनिवार्य है,ताकि महिलाएं अपनी समस्याओं का निदान करवा सकें।
महाविद्यालय महिला सेल की समन्वयक प्रो इंदिरा झा ने कहा कि छात्राओं को शालीन वेशभूषा पहनना चाहिए। घर से बाहर निकलने पर समय-समय पर घर से संपर्क रखते हुए साथ में तीखा स्प्रे, चाकू, मोबाइल आदि अपनी सुरक्षा हेतु साथ में रखना चाहिए।वे पूरे आत्मविश्वास के साथ कार्य करें। डॉ प्रीति कनोडिया ने कहा कि लड़कियां भावात्मक रूप से कमजोर होकर जल्द ही दूसरों पर विश्वास करती हैं जो कभी-कभी उनके लिए काफी घातक सिद्ध होता है। उन्हें भावना से नहीं,बल्कि बुद्धि व विवेक से काम करना चाहिए। डॉ तनिमा कुमारी ने छात्राओं को उनके लिए बने विभिन्न कानून की धाराओं से अवगत कराया। संगोष्ठी को डॉ पुनीता कुमारी,डॉ मीनाक्षी राणा, ई प्रेरणा कुमारी,डा दिव्या शर्मा, प्रो रीतिका मौर्य, ड्रा मीनू कुमारी,प्रो अभिलाषा कुमारी आदि ने संबोधित करते हुए योन-शोषण से संबंधित विस्तृत जानकारी, सुरक्षा एवं नियम-कानूनों की जानकारी दी।कोषांग की छात्रा प्रतिनिधि जया कुमारी,राजनंदनी, अनुराग कुमारी,कोमल सनाया, श्रेया किरण, अनुष्का, चाहत उन्नत, आतिका बद्र, चांदनी प्रवीण, अर्चना आदि ने प्रकोष्ठ के कार्यों की प्रशंसा करते हुए अपने अनुभव और समस्याओं से अवगत कराया।
कार्यक्रम में 80 से अधिक छात्राओं ने भाग लिया। आगत अतिथियों का स्वागत प्रो रागनी रंजन तथा संचालन व धन्यवाद ज्ञापन डा एकता श्रीवास्तव ने किया।
Darbhanga News24 – दरभंगा न्यूज24 Online News Portal