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समस्याएं छोड़,अब समाधान की पहल हुई महिला संवाद

समस्याएं छोड़,अब समाधान की पहल हुई महिला संवाद

 

दरभंगा  बिहार सरकार के द्वारा दरभंगा जिले में संचालित “महिला संवाद” कार्यक्रम महिलाओं के सामाजिक,आर्थिक और मानसिक सशक्तिकरण की दिशा में एक व्यापक और जनभागीदारी आधारित पहल बनकर उभरा है।

यह कार्यक्रम न केवल ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को संवाद का मंच दे रहा है,बल्कि उन्हें समाज में अपनी भूमिका और अधिकारों के प्रति जागरूक करने का भी कार्य कर रहा है।

कार्यक्रम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि गांव-गांव की महिलाएं खुलकर अपनी बात कह सकें,अपनी समस्याएं और आवश्यकताएं सरकार तक पहुंचा सकें और उनके समाधान की दिशा में ठोस प्रयास हों।

संवाद के माध्यम से यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि महिलाएं शासन प्रणाली का हिस्सा बनें और स्थानीय विकास योजनाओं में उनकी सक्रिय भागीदारी हो।

संवाद कार्यक्रम ग्रामीण महिलाओं के भीतर आत्मविश्वास,नेतृत्व क्षमता और सामाजिक चेतना को मजबूत किया है।

बहादुरपुर प्रखंड के बीपीएम सुकेश मिश्रा ने बताया कि शिल्पग्राम प्रोड्यूसर कंपनी से जुड़ी महिलाओं ने अपनी कलाओं–मिथिला पेंटिंग, सिक्की कला, सिलाई एवं डिजाइनिंग जैसे कार्यों से स्वरोजगार की संभावनाएं जताई हैं।

 

पूनम देवी ने यह बताया कि उन्होंने कोविड-19 के दौरान मास्क निर्माण कर जीविका पाई,लेकिन अब उन्हें रोजगार के नए अवसरों की आवश्यकता है।

उन्होंने शिल्पग्राम के अंतर्गत छोटे पैमाने पर लघु उद्योग स्थापित करने की मांग की जिससे अधिक महिलाओं को रोजगार मिल सके।

*पुतुल देवी ने सेनिटरी नैपकिन निर्माण इकाई की स्थापना का सुझाव दिया,जिससे महिलाओं को ना केवल आय का साधन मिलेगा,बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य और स्वच्छता को भी बढ़ावा मिलेगा।*

संवाद कार्यक्रम के दौरान महिलाओं द्वारा रखी गई प्रमुख मांगों में जीविका भवन,सामुदायिक विवाह भवन, खेल मैदान का निर्माण, समूह बैठकों के लिए स्थायी स्थल,स्थानीय स्तर पर लघु एवं कुटीर उद्योगों की स्थापना,महिलाओं को मिलने वाले ऋण पर ब्याज दर में छूट,गांवों को पक्की सड़कों से जोड़ना, सुरक्षित और स्वच्छ पीने के पानी की उपलब्धता, सौर ऊर्जा आधारित बिजली आपूर्ति, सरकारी योजनाओं की सुगम जानकारी और पारदर्शी लाभ वितरण प्रणाली जैसी माँगें प्रमुख रूप से सामने आईं।

 

महिलाएं अब केवल लाभार्थी नहीं,बल्कि सामाजिक बदलाव की वाहक बन रही हैं। वे शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वावलंबन, स्वच्छता, घरेलू हिंसा, नशा मुक्ति जैसे विषयों पर जागरूकता फैलाने के साथ-साथ समुदाय में नेतृत्व की भूमिका निभा रही हैं।

महिला संवाद ने उन्हें आवाज दी है,पहचान दी है और अपनी बात सरकार तक पहुँचाने का सशक्त मंच प्रदान किया है।

18 अप्रैल 2025 से जिले में यह कार्यक्रम प्रतिदिन दो पालियों में –सुबह 9 से 11 बजे तथा शाम 4 से 6 बजे तक आयोजित किया जा रहा है। प्रचार रथों के माध्यम से ग्राम संगठनों तक जाकर महिला संवाद कार्यक्रम को संचालित किया गया है।

अब तक दरभंगा के 880 ग्राम संगठनों में कुल 25 प्रचार रथों के माध्यम से कार्यक्रम आयोजित हो चुका है।

इस दौरान 1.7 लाख से अधिक महिलाओं की भागीदारी दर्ज की गई है,जिसमें से 19,500 से अधिक महिलाओं ने व्यक्तिगत रूप से मंच पर आकर अपने अनुभव,संघर्ष, सुझाव और आकांक्षाएं साझा की।

 

कार्यक्रम की प्रभावशीलता इस बात से स्पष्ट होता है कि अब महिलाएं आत्मविश्वास के साथ आगे आ रही हैं,समाधान चाहती हैं और सक्रिय भागीदारी निभा रही हैं।

“महिला संवाद” न केवल उनकी आवाज को मंच दे रहा है, बल्कि उन्हें समाज के निर्णय लेने की प्रक्रिया में भागीदारी का अवसर भी प्रदान कर रहा है

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