विश्व तंबाकू निषेध दिवस पर डीसीई दरभंगा एवं यूनेस्को क्लब दरभंगा द्वारा संगोष्ठी का आयोजन

 

विश्व तंबाकू निषेध दिवस पर डीसीई दरभंगा एवं यूनेस्को क्लब दरभंगा द्वारा संगोष्ठी का आयोजन

 

दरभंगा कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, मब्बी, दरभंगा

दरभंगा कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग (DCE) एवं यूनेस्को क्लब ऑफ दरभंगा (CUCAI, नई दिल्ली से संबद्ध) के संयुक्त तत्वावधान में विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर एक विचारगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं में तंबाकू सेवन के दुष्परिणामों के प्रति जागरूकता फैलाना तथा एक स्वस्थ और तंबाकू मुक्त समाज की ओर प्रेरित करना था।

कार्यक्रम में निम्नलिखित प्रमुख वक्ताओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और सारगर्भित वक्तव्य दिए:

 

🔹 डॉ. बिनोद कुमार मिश्रा, निदेशक, आईबीएम इंस्टिट्यूट, दरभंगा ने कहा:

“तंबाकू न केवल शरीर को खोखला करता है, बल्कि व्यक्ति की सोच, कार्यक्षमता और आत्मबल को भी नष्ट करता है। विद्यार्थियों को चाहिए कि वे अपने भविष्य को संवारने के लिए नशे से दूर रहें और दूसरों को भी जागरूक करें।”

श्री बिनोद कुमार पंसारी, अध्यक्ष, यूनेस्को क्लब दरभंगा ने कहा:

“हमारा उद्देश्य केवल तंबाकू विरोधी जागरूकता फैलाना नहीं है, बल्कि जीवन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण और सामाजिक दायित्व को भी मजबूत करना है। ऐसे कार्यक्रमों से समाज को नई दिशा मिलती है।”

 

🔹 डॉ. ओम प्रकाश, अध्यक्ष, नेशनल नियोनेटोलॉजी फोरम, बिहार ने कहा:

“हम जब नवजात शिशुओं के स्वास्थ्य पर काम करते हैं, तब समझ में आता है कि माता-पिता का तंबाकू सेवन किस तरह बच्चों के स्वास्थ्य को भी प्रभावित करता है। यह नशा केवल व्यक्तिगत नहीं, पीढ़ियों को नुकसान पहुँचाता है।”

 

डॉ. ब्रज मोहन मिश्रा, पूर्व निदेशक, डब्ल्यूआईटी, दरभंगा ने कहा:

“ज्ञान और स्वास्थ्य एक-दूसरे के पूरक हैं। जब युवा पीढ़ी तंबाकू के जाल में फँसती है, तब न केवल उनका स्वास्थ्य गिरता है, बल्कि समाज की उत्पादकता और नैतिकता भी प्रभावित होती है। हमें मिलकर इस खतरे के खिलाफ आवाज़ बुलंद करनी होगी।”

 

🔹 प्रो. संदीप तिवारी, प्राचार्य, डीसीई दरभंगा ने कहा:

“कॉलेज केवल तकनीकी शिक्षा का केंद्र नहीं है, बल्कि यह जीवन मूल्य, अनुशासन और स्वस्थ सोच का मार्गदर्शक भी है। मैं सभी छात्रों से आग्रह करता हूँ कि वे अपने आस-पास के लोगों को भी तंबाकू से होने वाले नुकसान के प्रति जागरूक करें और तंबाकू मुक्त परिसर की दिशा में कार्य करें।”

कार्यक्रम का संचालन डॉ. ए.के. कश्यप ने कुशलता पूर्वक किया।

यूनेस्को क्लब दरभंगा की ओर से राघवेंद्र कुमार (महासचिव) एवं ललित खेतान (कोषाध्यक्ष) की भी महत्वपूर्ण उपस्थिति रही।

 

संगोष्ठी में छात्रों और शिक्षकों ने भी भाग लिया और विषय पर प्रश्नोत्तरी के माध्यम से संवाद स्थापित किया।

 

कार्यक्रम के अंत में एक स्वर से यह संदेश दिया गया:

“धूम्रपान छोड़िए, जीवन को अपनाइए – तंबाकू नहीं, जीवन चुनिए।”

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