Breaking News

13 सूत्री मांग को लेकर आइसा का जोरदार प्रदर्शन।

 

13 सूत्री मांग को लेकर आइसा का जोरदार प्रदर्शन।

 

विश्वविद्यालय व महाविद्यालय में शैक्षणिक व प्रशासनिक अराजकता को दूर करे कुलपति – आइसा

 

नेट/जे आर एफ 2023 के छात्र को PAT 2023 में शामिल करे विश्वविद्यालय- आइसा

 

शिक्षाशास्त्र में विभागाध्यक्ष और संकायाध्यक्ष की नियुक्ति अवैध, जल्द हटाए विश्वविद्यालय प्रशासन : आइसा

 

 

दिसम्बर 2023 सत्र के नेट/ जेआरएफ पास अभ्यर्थियों को PAT 2023 में सम्मिलित करने, प्रत्येक साल अन्तर स्नातक एवं स्नातक में छात्र – छात्राओं की संख्या बढ़ रही है लेकिन पीजी- यूजीस में सीट सीमित है। पीजी- यूजीस में सीट वृद्धि करने, लॉ कॉलेजो का अचानक 6 गुना फीस वृद्धि कर दी गई, इस फीस वृद्धि को वापस लेने, बी० आर० बी० कॉलेज समेत अन्य पीजी कॉलेजो में अकादमिक गतिविधि( सेमिनार, प्रेरणा सत्र) शिथिल है. जिस कारण छात्र कॉलेज कैम्प से जोड़ने, महिला महाविद्यालय समस्तीपुर, यू आर कॉलेज रोसड़ा व एएनडी कॉलेज पटोरी में इसी सत्र से पीजी की पढ़ाई शुरू करने, बी० आर० बी० कॉलेज और आर बी कॉलेज दलसिंहसराय में चार विषय के अलावे अन्य विषयों से पीजी की पढ़ाई शुरू करने, छात्र संघ चुनाव अविलंब कराई जाय।

8.परीक्षा विभाग की लापरवाही से लगातार छात्रों को विश्वविद्यालय का चक्कर लगाना पर रहा है दोषियों पर कारवाई करने, समय पर छात्रों को प्रमाणपत्र उपलब्ध कराने, विश्वविद्यालय और महाविद्यालय में जारी प्रशासनिक अराजकता को खत्म करने, बीएड शिक्षा संकाय में विभागाध्यक्ष और संकायाध्यक्ष की नियुक्ति नियम के विपरीत हुई है, इसे अभिलंब हटाया जाय तथा बीएड कॉलेज के मनमानी पर रोक लगाने, विश्वविद्यालय स्नातकोत्तर विभाग में नामांकन का जिम्मा विभाग को दिया जाय ताकि छात्र को विभाग से लंबी दूरी तय कर वि वि मुख्यालय नहीं आना परे सहित अन्य मांग को लेकर आज कुलपति कार्यालय के समक्ष आक्रोशपूर्ण प्रदर्शन किया गया।

 

मार्च केंद्रीय पुस्तकालय से निकलकर वि वि मुख्यालय पहुंचा जहां आक्रोशपूर्ण प्रदर्शन में तब्दील हो गया।

 

मार्च का नेतृत्व आइसा नेता सुनील कुमार, लोकेश राज, दीपक यदुवंशी,प्रिंस राज सहित कई लोग कर रहे थे।

 

वि वि मुख्यालय मे आयोजित सभा को संबोधित करते हुए आर वाई ए राज्य सह उपाध्यक्ष संदीप कुमार चौधरी ने कहा कि ललित नारायण मिथिला वि वि मे प्रशासनिक अराजकता चरम पर है।किसी भी निर्णय से पूर्व छात्रों के संबंधन में कोई भी विचार विमर्श नहीं किया जाता है जिसका ताजा उदाहरण PAT 2023 से नेट जीआरएफ छात्रों को शामिल नहीं करना है।उन्होंने कहा कि महामहिम कुलाधिपति के आदेश के बावजूद प्राइवेट बीएड कॉलेज के प्रिंसिपल को विभागाध्यक्ष और संकायाध्यक्ष बनाया जा रहा है लेकिन एफिलिएटेड कॉलेज के कमीशन शिक्षक को पीएचडी में गाइड नहीं बनाया जा सकता है ये दोहरी नीति छात्र के खिलाफ है।इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

 

संबोधित करते हुए आइसा समस्तीपुर जिला सचिव ने कहा कि महाविद्यालयों में छात्र के लिए अकादमिक गतिविधि एकदम नहीं चल रहा है जिससे छात्र महाविद्यालय से जुड़ नहीं पा रहे है।उन्होंने कहा कि बीएड कॉलेज की मनमानी के वजह से छात्रों का आर्थिक शोषण बदस्तूर जारी है।विश्वविद्यालय प्रशासन बीएड कॉलेज का निरंतर निरक्षण सुनिश्चित करे।

 

आइसा नेता प्रिंस राज ने कहा विश्वविद्यालय प्रशासन में सालों से जमे अधिकारियों को बदलने की जरूरत है जो छात्रों को गुमराह करते है।उन्होंने कहा कि कुलपति के निजी सचिव जिनपर कई गंभीर आरोप है उनका लगातार शिकायत मिल रहा है कि उनका व्यवहार कुशल नहीं है और वो योग्य भी नहीं है अभी उन्हें निजी सचिव पद से मुक्त किया जाय।

 

कार्यक्रम में आरवाईए दरभंगा जिला सचिव अमित कुमार पासवान,महानगर अध्यक्ष दिलीप कुमार,महानगर सचिव इंद्रजीत विक्की,जिला उपाध्यक्ष अमरजीत पासवान,आइसा समस्तीपुर जिला अध्यक्ष लोकेश राज,दरभंगा जिला संयोजक विपिन कुमार,एहसान खान,विवेक कुमार,सिद्धार्थ राज,केशव चौधरी,इमरान,नीतीश राणा,फरहान,फैजान,रंजन कुमार,सोनू कुमार,गौतम कुमार,अनमोल कुमार, शिवा कुमार,अंकुश कुमार,रोहित कुमार सहित सैकड़ों छात्र शामिल थे।

 

आंदोलन के बीच कुलानुशासक, पूर्व कुलानुशासक ,उप कुलानुशासक,छात्र कल्याण अध्यक्ष,परीक्षा नियंत्रक,उपकुलसचिव प्रथम के साथ वार्ता हुई जिसमें pat संबंधित विषय पर एक कमिटी गठित कर कल मीटिंग कर छात्र हित में फैसला लेने का निर्णय हुआ साथ ही अन्य मांग पर संबंधित विभाग से बात करने का निर्णय हुआ।

 

 

Check Also

• आयुक्त की अध्यक्षता में स्वास्थ्य विभाग के कार्यों की विस्तृत समीक्षात्मक बैठक आयोजित… 

🔊 Listen to this   • आयुक्त की अध्यक्षता में स्वास्थ्य विभाग के कार्यों की …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *