Breaking News

छट गये इंतजार के बादल, उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी 11 सितम्बर को आर्यभट्ट छात्रावास का करेंगे लोकार्पण

छट गये इंतजार के बादल, उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी 11 सितम्बर को आर्यभट्ट छात्रावास का करेंगे लोकार्पण

वर्ष 1988 में आए भीषण भूकंप में बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुके सीएम साइंस कालेज के ऐतिहासिक आर्यभट्ट छात्रावास के नव निर्माण का कार्य पूरा हो चुका है। पावरग्रिड कारपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड के कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉसिबिलिटी (सीएसआर) योजना के तहत करीब साढे सात करोड़ की लागत से नवनिर्मित छात्रावास का लोकार्पण आगामी 11 सितम्बर को प्रदेश के उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के कर-कमलों से किया जाएगा। जानकारी देते हुए प्रधानाचार्य प्रो संजीव कुमार चौधरी ने बताया कि लोकार्पण समारोह की तैयारी को लेकर कारपोरेशन के क्षेत्रीय कार्यालय के अधिकारियों ने नीरज कुमार की अगुवाई में मंगलवार की देर शाम छात्रावास के नव निर्मित भवन एवं लोकार्पण स्थल का उनके साथ मुआयना किया। उन्होंने अपने साथ आए अधिकारियों को लोकार्पण समारोह के आयोजन से संबंधित कई आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।

प्रधानाचार्य ने बताया कि सीएम साइंस कॉलेज के वर्ष 1972 बैच के छात्र रहे, पावर ग्रिड कारपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड के तत्कालीन मुख्य प्रबंधक इंदु शेखर झा के पहल से आज यह छात्रावास अपनी गौरवशाली अतीत पर इठलाने के लिए एकबार फिर से खड़ा हो गया है। इसका नव निर्माण हो जाने से महाविद्यालय में दूर दराज के ग्रामीण इलाकों से पढ़ने आने वाले छात्रों को आवासन की कठिन समस्या से निजात मिल जाएगा। उन्होंने बताया कि महाविद्यालय में साल 2020 में आगमन के दौरान महाविद्यालय के तत्कालीन प्रधानाचार्य डॉ. प्रेम कुमार प्रसाद ने महाविद्यालय प्रशासन की ओर से कारपोरेशन की सीएसआर योजना के तहत इस ऐतिहासिक छात्रावास के पुनर्निर्माण का प्रस्ताव इंदु शेखर झा के समक्ष लाया गया। तब उन्होंने कहा था कि यह उनके लिए गौरव की बात होगी कि जिस महाविद्यालय में उनका छात्र जीवन बीता, उसके छात्रों की सुविधा के लिए पीजीसीआइएल छात्रावास का निर्माण कर सकेगा। इसके साथ ही, उन्होंने महाविद्यालय परिसर के सौंदर्याकरण व समुचित प्रकाश व्यवस्था बहाल किए जाने संबंधी लाए गए प्रस्ताव पर भी अपनी सहमति जाहिर करते हुए अपने के साथ आए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए थे।उन्होंने बताया कि वैसे तो छात्रावास का भवन करीब छह महीने पहले ही तैयार हो गया था लेकिन पीजीसीआईएल के आला अधिकारियों के मंगलवार को छात्रावास का दौरा करने एवं लोकार्पण स्थल के निरीक्षण के बाद अब यह निश्चित हो गया है कि जल्दी ही 150 बेड वाला यह छात्रावास सीएम साइंस कालेज के छात्रों के उपयोग के लिए उपलब्ध हो जाएगा।गौरतलब है कि वर्ष 1938 में मिथिला कॉलेज के नाम से इस कॉलेज की स्थापना के साथ ही स्थानीय व्यवसायी एवं बुद्धिजीवियों के सहयोग से न्यू हॉस्टल के नाम से इस छात्रावास का निर्माण कराया गया था। वर्ष 1974 में विज्ञान संकाय के रूप में सी एम साइंस कालेज के नाम से इस महाविद्यालय के स्वतंत्र अस्तित्व में आने के बाद न्यू हॉस्टल का नाम महान वैज्ञानिक आर्यभट्ट के नाम पर रखा गया। जानकारों की मानें तो पूर्व रेल मंत्री स्व ललित नारायण मिश्र, पूर्व मुख्यमंत्री स्व कर्पूरी ठाकुर, पूर्व शिक्षा मंत्री स्व नागेन्द्र झा सरीखे अनेक महान व्यक्ति इस छात्रावास में रहकर शिक्षा ग्रहण कर चुके हैं।

Check Also

• आयुक्त की अध्यक्षता में स्वास्थ्य विभाग के कार्यों की विस्तृत समीक्षात्मक बैठक आयोजित… 

🔊 Listen to this   • आयुक्त की अध्यक्षता में स्वास्थ्य विभाग के कार्यों की …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *