• दरभंगा के राधा स्वामी मध्य विद्यालय, रत्नोपट्टी में छात्रों के बीच एचआईवी/एड्स जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
• एड्स एक गंभीर, जानलेवा एवं लाइलाज वैश्विक बीमारी, जिसका सही एवं पूर्ण जानकारी ही प्रभावी बचाव- डॉ चौरसिया

• प्रतियोगिता में सफल छात्रों के बीच बिहार राज्य एड्स नियंत्रण समिति, पटना द्वारा प्रदत्त पुस्तकों का हुआ वितरण
बिहार राज्य एड्स नियंत्रण समिति, पटना के सौजन्य से ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा के एनएसएस कोषांग अधीन कार्यरत रेड रिबन क्लब के तत्त्वावधान में चल रहे एचआईवी/एड्स जागरूकता सघन कार्यक्रम के अंतर्गत आज राधा स्वामी मध्य विद्यालय, रत्नोपट्टी, दरभंगा परिसर में छात्रों के बीच क्विज एवं भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता का शुभारंभ करते हुए प्रधानाध्यापक आरिफ हुसैन ने कहा कि एड्स एक घातक रोग है, पर इसका रोकथाम संभव है। समय पर जांच, उपचार तथा सावधानी बरतने से इसे नियंत्रित किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि यद्यपि एड्स का पूर्ण इलाज संभव नहीं है, पर एटीआर से वायरस की वृद्धि रोककर रोगी के जीवन को लंबा एवं सामान्य बनाया जा सकता है।
प्रतियोगिता के उद्देश्यों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए रेड रिबन क्लब के जिला नोडल पदाधिकारी डॉ आर एन चौरसिया ने कहा कि एड्स एक गंभीर, जानलेवा एवं लाइलाज वैश्विक बीमारी है। सही एवं पूर्ण जानकारी से ही इसका प्रभावी बचाव संभव है। एड्स एक एचआईवी वायरस संक्रमित रोग है जो शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को नष्ट कर देता है, जिससे व्यक्ति अनेक बीमारियों से ग्रसित हो जाता है। एड्स के प्रारंभिक लक्षणों में लगातार बुखार रहना, तेजी से वजन घटना, त्वचा पर चकत्ते बनना, थकान होना तथा मुंह या गले में छाले होना आदि हैं। उन्होंने बताया कि एड्स मात्र चार कारणों- असुरक्षित यौन संबंध, संक्रमित रक्त चढ़ाने, संक्रमित सूई के इस्तेमाल तथा एचआईवी संक्रमित माता-पिता से बच्चों में होता है। इस अवसर पर स्कूल की शिक्षिका- रीभा देवी, संगीता कुमारी, निहारिका कुमारी, लक्ष्मी कुमारी, ममता कुमारी एवं शिक्षक प्रकाश दास तथा स्वयंसेवक विवेक कुमार आदि ने सराहनीय सहयोग किया।
प्रतियोगिता में 100 से अधिक छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। 30 से अधिक सफल छात्र-छात्राओं को समिति की ओर से उपलब्ध अति प्रेरक एवं ज्ञानवर्धक उपकार प्रकाशन, आगरा की छह-छह पुस्तकें प्रदान की गयी। स्वागत करते हुए शिक्षिका संगीता कुमारी ने प्रतियोगिता को छात्र-छात्राओं के लिए उत्साहवर्धक एवं ज्ञानवर्धक बताया। उन्होंने प्रतियोगिता हेतु 100 से अधिक छात्र-छात्राओं के चयन एवं भागीदारी में भी प्रशंसनीय योगदान दिया। स्वयंसेवक विवेक कुमार ने धन्यवाद ज्ञापन करते हुए बताया कि एचआईवी एक वायरस है और एड्स उस वायरस से उत्पन्न बीमारी का अंतिम चरण है जो सामान्य संक्रमण, बुखार, निमोनिया आदि से ग्रसित कर व्यक्ति को अन्ततः मृत्यु के हवाले कर देता है। अतः हम लोग जन जागरूकता एवं एड्स की शिक्षा द्वारा एड्स के प्रसार को रोक सकते हैं।
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