मिथिला स्टूडेंट यूनियन द्वारा अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल प्रारंभ  

 

मिथिला स्टूडेंट यूनियन द्वारा अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल प्रारंभ

दरभंगा जिले के भठियारीसराय में मिथिला स्टूडेंट यूनियन (MSU) के बैनर तले अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल की शुरुआत कर दी गई है। यह भूख हड़ताल जिले में हुई मनीषा एवं कश्यप की दोहरी मौत, निजी विद्यालयों की मनमानी, शिक्षा माफिया और पुलिस-प्रशासन की घोर लापरवाही के विरोध में शुरू की गई है।

इस ऐतिहासिक भूख हड़ताल पर मिथिला स्टूडेंट यूनियन के जिलाध्यक्ष नीरज क्रांतिकारी स्वयं बैठ चुके हैं, जो यह संदेश देता है कि संगठन अब केवल ज्ञापन और आश्वासन की राजनीति नहीं, बल्कि न्याय मिलने तक निर्णायक संघर्ष के रास्ते पर है।

मिथिला स्टूडेंट यूनियन का स्पष्ट आरोप है कि दरभंगा जिले में कई निजी विद्यालय शिक्षा के नाम पर अवैध कारोबार चला रहे हैं। न तो विद्यालयों में सुरक्षा के मानक हैं, न प्रशिक्षित शिक्षक, न ही RTE एक्ट का पालन। इसी लापरवाही और प्रशासनिक संरक्षण के कारण मासूम छात्रों की जान जा रही है।

भूख हड़ताल के माध्यम से संगठन की प्रमुख माँगें निम्नलिखित हैं—

मनीषा एवं कश्यप की दोहरी मौत के लिए जिम्मेदार निजी विद्यालय को अविलंब सील किया जाए।

दरभंगा जिले के सभी निजी विद्यालयों के मानकों की उच्चस्तरीय जाँच कराई जाए।

सभी विद्यालयों के छात्र-छात्राओं की सुरक्षा और उज्ज्वल भविष्य को ध्यान में रखते हुए स्पष्ट दिशा-निर्देश तुरंत जारी किए जाएँ।

इस मामले में शामिल सभी हत्यारों को तत्काल गिरफ्तार किया जाए।

मामले को दबाने वाले या लापरवाही बरतने वाले दोषी पुलिस पदाधिकारियों पर FIR दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाए।

पूरे प्रकरण की CID जाँच कराई जाए ताकि सच्चाई सामने आ सके और पीड़ित परिवारों को न्याय मिल सके।

जिलाध्यक्ष नीरज क्रांतिकारी ने कहा कि

“यह भूख हड़ताल किसी व्यक्ति विशेष के लिए नहीं, बल्कि पूरे दरभंगा के छात्र-छात्राओं के भविष्य के लिए है। जब तक दोषियों को सजा और पीड़ित परिवारों को न्याय नहीं मिलेगा, तब तक यह संघर्ष जारी रहेगा।”

मिथिला स्टूडेंट यूनियन के राष्ट्रीय महासचिव वीरेंद्र कुमार ने प्रशासन को कठघरे में खड़ा करते हुए कहा कि दरभंगा प्रशासन की कार्यशैली पूरी तरह असफल हो चुकी है। छात्र और महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं, और अधिकारी केवल फाइलों में न्याय खोज रहे हैं। अब आंदोलन ही जवाब बनेगा वहीं संगठन के वरिष्ठ छात्र नेता अमन सक्सेना ने कहा कि यह अनशन केवल कश्यप और उनकी मां के लिए नहीं, बल्कि पूरे मिथिला के सम्मान और न्याय की लड़ाई है। अगर आज आवाज़ नहीं उठी, तो कल कोई भी सुरक्षित नहीं रहेगा। मिथिला स्टूडेंट यूनियन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने शीघ्र ठोस कार्रवाई नहीं की, तो यह आंदोलन पूरे जिले में व्यापक जन-आंदोलन का रूप लेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। मौके पर अनीस चौधरी , प्रतीक कुमार , शुभम कुमार , उदय नारायण झा , कृष्ण मोहन झा , अंकित आजाद , कुंदन कुमार , नारायण मिश्रा सहित दर्जनों स्थानीय लोग उपस्थित थे।

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