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दरभंगा: बहेड़ी थाना क्षेत्र में व्याप्त भ्रष्टाचार और आमजन के साथ हो रहे दुर्व्यवहार के विरोध में सामाजिक कार्यकर्ता  रविन्द्र नाथ सिंह उर्फ चिंटू सिंह का आमरण अनशन

• अनशन का दूसरा दिन: प्रशासनिक उदासीनता बरकरार, अनशनकारियों को अब तक मूलभूत सुविधाएं नहीं मिलीं

 

दरभंगा: बहेड़ी थाना क्षेत्र में व्याप्त भ्रष्टाचार और आमजन के साथ हो रहे दुर्व्यवहार के विरोध में सामाजिक कार्यकर्ता  रविन्द्र नाथ सिंह उर्फ चिंटू सिंह का आमरण अनशन आज दूसरे दिन भी एसपी कार्यालय, लहेरियासराय के समीप जारी रहा।

मिथिला विकास संगठन के संस्थापक एवं सामाजिक कार्यकर्ता श्री विकाश फूल ने कहा कि अनशन शुरू हुए 48 घंटे से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन जिला प्रशासन द्वारा अब तक न तो चिकित्सकीय जांच की गई है और न ही पीने का पानी, बिजली एवं शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। यह प्रशासन की संवेदनहीनता को दर्शाता है और मानवाधिकारों का स्पष्ट उल्लंघन है।

 

अनशनकारी के आरोप

श्री सिंह ने पत्रकारों को बताया कि बहेड़ी थाना में पिछले कई महीनों से पीड़ितों के साथ अन्याय हो रहा है। उन्होंने थानाध्यक्ष  सूरज गुप्ता और अवर निरीक्षक  रौशन कुमार पर निम्नलिखित गंभीर आरोप लगाए:

 

1. शिकायतों को दबाना – पीड़ितों के लिखित आवेदन प्राप्त करने के बाद उन्हें जानबूझकर फाइलों में दबा दिया जाता है।

2. FIR दर्ज करने में अनावश्यक विलंब – प्राथमिकी दर्ज करने में देरी कर पीड़ितों को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाता है।

3. रिश्वतखोरी – थाना में कार्य कराने के बदले परिवादियों से अवैध राशि की मांग की जाती है।

4. अपराधियों को संरक्षण – आपराधिक पृष्ठभूमि वाले व्यक्तियों को थाना स्तर पर संरक्षण दिया जाता है।

 

इन आरोपों के समर्थन में श्री सिंह ने शपथ पत्र सौंपकर मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच के लिए वरिष्ठ पदाधिकारी की अध्यक्षता में एक जांच समिति गठित की जाए।

 

समाजसेवी श्री कालीचरण यादव ने 11 जुलाई को एसडीपीओ बेनीपुर द्वारा बिना स्थल निरीक्षण के दी गई “क्लीन चिट” को “प्रशासनिक खानापूर्ति” बताया। उन्होंने कहा, “पहले निष्पक्ष जांच हो, उसके बाद ही किसी को क्लीन चिट दी जाए। जनता सब देख रही है।”

 

प्रमुख मांगें

1. उच्च स्तरीय स्वतंत्र जांच समिति का गठन – बहेड़ी थाना से संबंधित सभी शिकायतों की निष्पक्ष जांच के लिए।

2. पारदर्शी जांच प्रक्रिया – जांच अवधि में थाना के CCTV फुटेज, आगंतुक पंजी, मालखाना पंजी एवं अन्य सरकारी अभिलेखों की फोरेंसिक जांच कराई जाए।

3. दोषियों पर कठोर कार्रवाई – जांच में दोषी पाए गए पदाधिकारियों पर तत्काल विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई की जाए।

4. जवाबदेही तय करना – बिना तथ्यात्मक जांच के क्लीन चिट जारी करने वाले एसडीपीओ बेनीपुर की भूमिका की भी जांच हो।

 

अनशनकारी

श्री रविन्द्र नाथ सिंह उर्फ चिंटू सिंह

 

पीड़ित

सुनील राम, संतोष लाल देव, कुमुद राम, लक्ष्मण साहू, कृष्ण कुमार, विजय महतो, नवीन कुमार

 

समर्थक

मिथिला विकास संगठन के संस्थापक अध्यक्ष एवं समाजसेवी विकाश फूल, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष भोला कुमार यादव, समाजसेवी कालीचरण यादव, मनीष सिंह, रंजीत यादव, आश मोहम्मद, संजीत चौपाल, प्रिय रंजन कुमार, मुकेश कुमार, लालू यादव, दिलीप यादव, विपिन यादव, प्रवीण कुमार सिंह, सिद्धार्थ, रौशन कुमार, अशोक सिंह, गौरव कुमार, पवन कुमार यादव, मुकेश कुशवाहा, सोनू सिंह सहित बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित थे।

 

अंत में श्री सिंह ने कहा, “यह लड़ाई किसी व्यक्ति विशेष के विरुद्ध नहीं है। यह लड़ाई व्यवस्था में सुधार और आम जनता को न्याय दिलाने के लिए है। प्रशासन से अनुरोध है कि जनहित में अविलंब आवश्यक कदम उठाए।”

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