बढ़ने लगा है तापमान, हो जाएँ सावधान
• अधिक तापमान से नहीं होगा कोरोना के संक्रमण से बचाव
• नवजात का स्तनपान रखें जारी
दरभंगा –

कोरोनावायरस के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए सरकार ने लॉकडाउन को 31 मई तक बढ़ाने का निर्णय किया है. लोगों को अपने अपने घरों में रहने और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने की हिदायत दी गयी है. पिछले कुछ दिनों से मौसम ने भी करवट ली है और आमूमन सभी जगहों पर तापमान 40 डिग्री अथवा इससे अधिक दर्ज किया जा रहा है. ऐसे समय में लोगों को डीहाइड्रेशन यानी शरीर में पानी की समस्या आम हो जाती है और कुछ लोगों को चक्कर आना अथवा मूर्छित हो कर गिर जाना जैसी स्थिति का सामना करना पड़ सकता है.
घर में रहें और तपती गर्मी से खुद को बचाएं:
सिविल सर्जन डॉक्टर संजीव कुमार सिन्हा ने बताया मौसम में लगातार बदलाव देखा जा रहा है और इस समय अपने सेहत को अनदेखा करना कई रोगों को न्योता दे सकता है. पिछले कुछ दिनों से तापमान में लगातार इजाफा हो रहा है और गर्मी के कारण लोगों में डीहाइड्रेशन की समस्या देखी जा रही है. इस स्थिति में स्वयं को धूप से बचाना जरुरी हो जाता है. पानी अथवा अन्य शीतल पेय का प्रचुर मात्रा में सेवन निर्जलीकरण की स्थिति से बचाव का बेहतर तरीका है.
अधिक तापमान नहीं करेगा कोरोना के संक्रमण से बचाव:
कोरोना के जीवाणु को फैलने में तापमान अवरोधक नहीं होता है. विश्व के कई गर्म जलवायु वाले देश भी इस समय इसके संक्रमण से ग्रसित हैं और जरुरी सावधानियां बरत रहे हैं. इसलिए इस सोच को मन से निकालने की जरूरत है कि तापमान में वृद्धि से कोरोना संक्रमण का प्रसार खत्म हो जाएगा. संक्रमण को लेकर सावधान व सचेत रहने की आवश्यकता है. कोरोना वायरस के संक्रमण को लेकर लोगों को सोशल डिस्टेंस पर ध्यान देना चाहिए और एक दूसरे से बीच दूरी बनाए रखना चाहिए. तपती गर्मी में रहने से लू लगने की संभावना रहती है और निर्जलीकरण की स्थिति उत्पन्न हो सकती है. घर में रहकर इससे और कोरोना के संक्रमण दोनों से बचाव संभव है.
नवजात शिशुओं का रखें पूरा ध्यान:
बढ़ते तापमान से नवजात शिशुओं को डीहाइड्रेशन की समस्या हो सकती है. 6 माह तक के शिशुओं के लिए सिर्फ स्तनपान ही पर्याप्त होता है. गर्मी के कारण स्तनपान के साथ किसी भी प्रकार का तरल पेय पदार्थ या पानी बच्चों को नहीं देना चाहिए.गर्मी के मौसम में अधिक से अधिक बार स्तनपान कराकर गर्मी के कारण होने वाली विभिन्न समस्याओं से बच्चों को सुरक्षित किया जा सकता है. नियमित स्तनपान शिशुओं को डायरिया एवं निमोनिया जैसे गंभीर रोगों से बचाव करता है. साथ ही गर्भवती महिलाओं को गर्मी के मौसम में पोषक तत्वों के सेवन के अलावा प्रचुर मात्रा में पानी एवं मौसमी फ़लों का सेवन जरुर करना चाहिए.
दैनिक दिनचर्या एवं आहार परिवर्तन जरुरी:
गर्मी के बढ़ने से पसीना चलना शुरू होता है जिससे शरीर में पानी की मात्रा में तेजी से कमी आती है.इसलिए इस मौसम में प्रचुर मात्रा में पानी का सेवन करना फायदेमंद है.इसके साथ ही मौसमी फलों का सेवन भी शरीर में पानी की मात्रा को संतुलित करने में सहायक होता है. अधिक वजन वाले या मोटे व्यक्तियों के शरीर में वासा की मात्रा अधिक होती है इसलिए इन्हें गर्मी के मौसम में अधिक वसा वाले अथवा गरिष्ठ भोजन से परहेज करना चाहिए.
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