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मधुबनी युवाओं की टोली बना धर्मेंद्र जरूरतमंदों को खिला रहे खाना ।

युवाओं की टोली बना धर्मेंद्र जरूरतमंदों को खिला रहे खाना

– लॉकडाउन

संपादक अजित कुमार सिंह

में फंसे लोगों को दे रहे राशन और खाना
– व्यवसायियों का मिल रहा समर्थन
– स्टेशन,मंदिर तथा झूग्गी झोपड़ी में रहने वालों को करते है भोजन

जिला मुख्यालय से 30 किलोमीटर दूर इंडो- नेपाल बॉर्डर पर स्थित है जयनगर अनुमंडल। इस अनुमंडल की बड़ी आबादी रोजगार की खोज में देश के विभिन्न शहरों में पलायन कर जाते हैं। यह क्षेत्र नेपाल से सटे होने के कारण क्षेत्र की जनता का नेपाल से संबंध रोटी और बेटी का है। बड़ी संख्या में लोग जो नेपाल के जयनगर मे भी रहते हैं जो शहर मे चाट/ममौज/ठेला चलाकर जीवन व्यतीत कर रहे थे। वे आज इस वैश्विक महामारी के कारण दाना पानी को मजबूर हो चुके हैं। ऐसी स्थिति में युवा समाजसेवी धर्मेंद्र भारद्वाज उर्फ बौआ झा एवं उनकी टीम के सदस्य प्रतिदिन सैकड़ो लोगों को भोजन करा रही हैं । उन्होंने बताया कि जब से लॉक डाउन हुआ है, 23 मार्च से अभी तक हमारी टीम के सदस्य के द्वारा दिन और रात में मोटरसाइकिल से लोगों तक खाना लेकर जरूरतमंदो के पास पहुंच रहे हैं। दिन में हमलोग स्टेशन परिसर मे टेंटों व झूग्गी मे रह रहे भिखारियों को तथा रात को अनुमंडल मुख्यालय के शहर के चौक चौराहों पर रह रहे नि:सहायों एवं काली मंदिर कमला रोड तथा जयनगर पुल के पास भोजन वितरण करते हैं।

खाना बनाने में बरतते हैं सावधानी

हमारी रसोई हनुमान संकट मोचन मंदिर सुरेका अतिथि भवन जयनगर के समीप लाँकडाउन मे फँसे जरूरतमंदो के भोजन हेतू तैयारी मे लगे मंदिर कमिटी के सदस्य दिपू खंडेलवाल,आशुतोष खाडीवाल, मनोज पंसारी,अजय पासवान,आशिष योगी, कन्हैया शर्मा, पशुपति शर्मा, समाजसेवी धर्मेन्द्र भारद्धाज उर्फ बौआ झा, पवन यादव एवं जयनगर रोटी बैंक के अथक भागीरथ प्रयास से विगत डेढ महीनों से भोजन पक रहा है। भोजन बनाने से पूर्व समस्त सदस्यों के हाथों को धुलाया जाता है, भोजन स्थल पर सभी सदस्य को मास्क पहनना अनिवार्य है। खाना बनाने वाले रसोईए भी नि:शुल्क खाना बना रहे हैं समाज के सभी लोगों का सहयोग मिल रहा है। हम लोगों ने कुछ दिन सुखा राशन सामग्रियां भी राशनकार्ड से वंचित एवं नि:सहाय/विकलांग /विधवाओं लोगों तक मुहैया कराया।

लॉकडाउन के कारण इस वैश्विक महामारी कोरोना संकटकाल में धर्मेंद्र भारद्धाज उर्फ बौआ झा घर में बंद न होकर नि:स्वार्थ भाव से लोगों तक भोजन पहूँचा रहे हैं। इन युवाओं की तारीफ पूरा शहर कर रहा है। भारद्वाज ने कहा कि मानव जीवन मिला है तो लोगों का सहयोग करना हमारा कर्तव्य बनता है लोगों को सहयोग करने में आत्म संतुष्टि मिलती है। धर्मेंद्र भारद्धाज उर्फ बौआ झा समय-समय पर रक्तदान करके भी कितने लोगों की जान बचाते हैं।

खाना वितरण करने वक्त लोगों को करते हैं जागरूक:

धर्मेन्द्र भारद्वाज एवं उनकी टीम के सदस्य लोगों को कोरोना संक्रमण रोकथाम के उपायों की जानकारी जैसे मास्क का करें प्रयोग, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें, जगह-जगह नहीं थूकना, हाथों को साबुन से धोते रहना आदि की जानकारी भी दे रहे हैं।

व्यवसाई भी करते हैं मदद:
बड़ी मात्रा में खाना पकाने और वितरण के लिए आवश्यक स्रोत के बारे में जब पूछा गया तो भारद्वाज ने कहा मैं और हमारी टीम के लोग अपने निजी पैसे से तथा हम सबों के इस नि:स्वार्थ सहयोग की भावना को देखकर यहाँ के व्यवसाई वर्ग हमारी टीम को आगे बढकर स्वयं सहयोग करते हैं। इस कार्य में हमारे परिवार का भी पूरा सहयोग हमें मिलता है।

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