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पर्यावरण दिवस के अवसर पर “स्वच्छ पर्यावरण : स्वस्थ जीवन” विषयक वेबीनार आयोजित

पर्यावरण दिवस के अवसर पर “स्वच्छ पर्यावरण : स्वस्थ जीवन” विषयक वेबीनार आयोजित

भारतीय

रिपोर्ट गुड्डू कुमार ठाकुर

जनमानस पर्यावरण के प्रति प्रारंभ से ही सजग–प्रो ब्रजमोहन

भारत विकास परिषद् द्वारा आयोजित वेबीनार में सहभागी बने अनेक छात्र-छात्राएं व शिक्षक

पर्यावरण के प्रति मानवीय क्रूरता के परिणाम भयावह– प्रो विद्यानाथ

पर्यावरण सजगता में महिलाओं की अहम भूमिका –प्रो पुष्पम नारायण
बढती जनसंख्या व मानव की विलासिता पूर्ण जीवन शैली के कारण वृक्षों की अंधाधुंध कटाई ने पर्यावरण पर घातक प्रहार किया है।भौतिक विकास की अंधी दौड़ ने पर्यावरण पर कई तरह के खतरे उत्पन्न कर दिए हैं। उक्त बातें विश्वविद्यालय भौतिकी विभाग के पूर्व अध्यक्ष प्रो ब्रजमोहन मिश्र ने भारत विकास परिषद् की भारती- मंडन शाखा,दरभंगा के तत्वावधान में ‘विश्व पर्यावरण दिवस’ के अवसर पर “स्वच्छ पर्यावरण-स्वस्थ जीवन” विषयक वेबीनार का शुभारंभ करते हुए कहा। डा एपीजे अब्दुल कलाम डब्ल्यू आई टी,दरभंगा के पूर्व निदेशक प्रो मिश्र ने कहा कि यूं भारतीय जनमानस पर्यावरण के प्रति प्रारंभ से ही सजग रहा है। यहां पर्व व त्योहारों के अवसर पर विशेष रूप से अनेक वृक्षों,नदियों तथा प्रकृति की पूजा की जाती है।
मुख्य वक्ता के रूप में एमएलएसएम कॉलेज के प्रधानाचार्य प्रो विद्यानाथ झा ने कहा कि पर्यावरण के प्रति मानवीय क्रूरता के परिणाम भयावह होंगे,जिसका परिणाम पूरी सजीव सृष्टि को झेलना पड़ेगा। सरकार के साथ ही पूरा समाज सघन वृक्षारोपण कर पर्यावरण संकट को कम कर सकता है। स्वच्छ पर्यावरण ही स्वस्थ जीवन का आधार है। हम सौर,पवन,जल व आण्विक ऊर्जा को बढ़ावा देकर भी हम पर्यावरण को स्वच्छ बना सकते हैं।
विशिष्ट वक्ता के रूप में मिथिला विश्वविद्यालय के ललित कला संकायाध्यक्षा प्रो पुष्पम नारायण ने कहा कि पर्यावरण सजगता में महिलाओं की अहम भूमिका रही है। वे वट,पीपल, आँवला,तुलसी,केला,आम महुआ आदि की सदा से पूजा करती रही हैं। हमें वृक्षों को पुत्र के समान पालन-पोषण एवं संरक्षण करना चाहिए, तभी स्वच्छ पर्यावरण संभव है।
अध्यक्षीय संबोधन में अनिल कुमार ने कहा कि जीव-जंतु, धरती,आकाश,वायु आदि सभी पर्यावरण के घटक हैं। उसमें मानवीय छेड़छाड़ के कारण ही प्रदूषण उत्पन्न होता है। वाहनों, कल- कारखानों से निकलने वाले CO2 व So2 आदि विषैली गैसें अनेक रोग उत्पन्न करती हैं,जिनसे दम्मा,कैंसर,चर्मरोग व हृदयरोग आदि उत्पन्न होते हैं। स्वच्छ पर्यावरण से ही स्वस्थ जीवन संभव है।
सेमिनार को डा अंजू कुमारी, नीरज कुमार,मुकेश कुमार झा,प्रत्यूष नारायण, हसन रजा, सूरज सिंह, कुमार सौरभ, प्रेरणा नारायण आदि ने संबोधित किया।
इस अवसर पर सभी सदस्यों, शिक्षकों व छात्रों ने अपने आवासीय परिसर तथा आस-पड़ोस में पेड़ लगाकर इस दिवस को सार्थक किया। संयोजक डा आर एन चौरसिया के संचालन में आयोजित वेबीनार में अतिथि स्वागत श्रीरमण अग्रवाल ने किया,जबकि धन्यवाद ज्ञापन ललित कुमार झा ने किया।

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