आम आदमी पार्टी अनुसूचित जाति -जनजाति प्रकोष्ठ भी अब आरक्षण को लेकर जारी घमासान में शामिल।

आम आदमी पार्टी के बिहार प्रदेश अनुसूचित जाति -जनजाति प्रकोष्ठ की ओर से जारी प्रेस नोट में प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष नन्दलाल राम ने कहा है कि दलित आदिवासी आरक्षण के साथ छेड़ छाड़ बर्दास्त करने योग्य नहीं है। जिस प्रकार से सर्वोच्चय न्यायालय का स्टेटमेंट आया है कि आरक्षण दलितों आदिवासीयों का मौलिक अधिकार नहीं है यह बतात है कि न्यायपालिक में बैठे चंद लोग भी संविधान की मूलभावना के साथ खेलने लगे हैं।
जारी प्रेस नोट में अनुसूचित जाति- जनजाति प्रकोष्ठ बिहार उपाध्यक्ष सुधीर कुमार पासवान के हवाले से कहा गया है कि जिस प्रकार पिछले दिनों sc st reservation में creamy layer लगाने की बात कही गयी है यह घोर निंदनीय है। आम आदमी पार्टी दलित आदिवासी प्रकोष्ठ इसकी भर्त्सना करती है।
उन्होंने आगे कहा कि न्यायपालिका से कोलेजियम सिस्टम की समाप्ति अब समय की मांग हो गयी है। बाबा डॉ. भीमराव अम्बेडकर ने संविधान लिखते हुए जो सपना देखा था ईस भावना के भी विपरित है कोलेजियम सिस्टम।
जारी नोट के अंत में कहा गया है कि लॉक डाउन के दरम्यान आम आदमी पार्टी दलित आदिवासी प्रकोष्ठ आंदोलन की तैयारी में जूटी है जैसे हीं लॉक डाउन खत्म होता है, “हम विगत 2 अप्रैल 2018 के जनआंदोलन को दुहराने में कोई कसर नहीं छोड़ने वाले हैं।” बहुत जल्द अनुसूचित जाति जनजाति आम आदमी पार्टी बिहार का एक शिष्ट मंडल बिहार गवर्नर से मुलाकात करेंगे और अपनी मांग शांतिपूर्ण तरीके से मांगेंगे।
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