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जिलाधिकारी ने किया बाढ़ पूर्व तैयारी की समीक्षा। सभी ए इ / जेई बांध पर पर कैंप करेंगे।

 

जिलाधिकारी ने किया बाढ़ पूर्व तैयारी की समीक्षा।

सभी ए इ / जेई बांध पर पर कैंप करेंगे.

प्रति

रिपोर्ट अविनाश कुमार

पंचायत चार नाव की दर से सरकारी एवं निजी नावों की उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश.

एकरारनामा 01 जुलाई से 30 सितम्बर तक की अवधि के लिये होगा.

यात्रियों से पैसा वसूलने वाले नाविकों पर कड़ी कार्रवाई होगी.

दरभंगा :- जिलाधिकारी, दरभंगा डॉ. त्यागराजन एस.एम. ने सभी अंचलाधिकारी को प्रति पंचायत चार नाव के दर से पर्याप्त संख्या में नावों की उपलब्धता सुनिश्चित कर प्रतिवेदन भेजने का निदेश दिया है।
कहा है कि सरकारी नावों के अतिरिक्त बड़ी संख्या में निजी नावों की आवश्यकता पड़ेगी। इसलिए निजी नाव मालिकों से इस वाबत एकराऱनामा करा लिया जाये। एकरारनामा 01 जुलाई से 30 सितम्बर तक की अवधि के लिए किया जायेगा। इस अवधि में सभी अधियाचित निजी नावों पर लाल झंडा लगा रहेगा। नाव पर एक बोर्ड भी रहेगा जिस पर यह लिखा जायेगा कि यह नाव सरकारी कार्य में लगा है और इसपर सेवा निःशुल्क है।
कहा कि किसी भी नाव पर ओवरलोडिंग की सख्त मनाही होगी। अंचलाधिकारी एवं थाना प्रभारी संयुक्त रूप से सभी नाव घाटों का नियमित निरीक्षण करेगें। अगर किसी भी नाव में ओवरलोडिंग करने अथवा यात्रियों से पैसे वसूलने की शिकायतें प्राप्त होगी तो नाव मालिकों के साथ-साथ संबंधित अंचलाधिकारी एवं थाना प्रभारी पर भी कार्रवाई होगी। उन्होंने ये बातें कार्यालय प्रकोष्ठ में वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के माध्यम से आयोजित बैठक में कहीं है।
उन्होंने कहा है कि निजी एवं सरकारी नावों का जिला परिवहन कार्यालय से निबंधन कराना जरूरी होगा। इस हेतु सभी अंचलाधिकारी द्वारा जिला परिवहन पदाधिकारी को नावों की सूची उपलब्ध कराई जायेगी। कहा है कि बिरौल अनुमंडल के सभी अंचलों में बाढ़ का आना अवश्यंभावी है इसलिए इन अंचलों में विशेष सतर्कता बरती जाये।
समीक्षा के क्रम में एसडीओ बिरौल बी.के. लाल द्वारा बताया गया कि उन्होंने सभी तटबंधों का निरीक्षण कर लिया हैं. संबंधित एजेंसी एवं संवेदक को कमजोर पॉइंट्स की जानकारी दे दिया गया हैं. बताया कि कुशेस्वर स्थान, कुशेस्वर स्थान पूर्बी में 50-50 निजी नाव मालिकों से एकरारनामा करा लिया गया हैं. अन्य अंचलों में भी पर्याप्त संख्या में निजी नावों की उपलब्धता हेतु कार्रवाई की जा रहीं हैं.
कहा कि बाढ़ से घिरे गाँव के लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए अथवा उन्हें सहायता पहुँचाने के लिए नावों की ज्यादा जरूरत होगी। कहा कि स्थानीय गोताखोरो का भी चयन कर सूची आपदा शाखा में भेज दी जाये।
इन सभी गोताखोरों को एन.डी.आर.एफ./एस.डी.आर.एफ. की टीम के द्वारा प्रशिक्षण दिलाया जायेगा।
कहा कि बाढ़ प्रवण अंचलों में अधिकाधिक संख्या में बाढ़ आश्रय स्थल चिह्रित कर बिजली, पानी, शौचालय की व्यवस्था सुनिश्चित की जाये। सभी कमरों में दरी/चादर भी बिछी होनी चाहिए। वहीं सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारी को गर्भवती महिलाएं, जिनका प्रसव इसी तिमाही में संभावित है, की सूची अंचलाधिकारी को उपलब्ध करा दी जाये। ताकि बाढ़ आ जाने पर उक्त महिलाओं को पहले ही सुरक्षित बाहर निकाल लिया जायें।
वहीं सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को पर्याप्त मात्रा में जीवन रक्षक दवाएँ, एंटी वेनम एंटी रैबिज की दवाएँ, ब्लीचिंग पाउडर आदि स्टोर कर लेने को कहा गया है । वरीय प्रभारी पदाधिकारी एवं प्रखंड विकास पदाधिकारी को सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र/रेफरल अस्पताल में जाकर दवा के स्टॉक की जॉच कर लेने को कहा गया है।
जिला पदाधिकारी ने सभी अनुमण्डल पदाधिकारी/भूमि सुधार उप समाहर्त्ता को बाढ़ तटबंधो का निरीक्षण कर लेने एवं कमजोर बिन्दुओं को चिंह्रित कर उसकी तत्काल मरम्मति करा लेने को कहा गया।
कहा है कि अनुमण्डल पदाधिकारी/भूमि सुधार उप समाहर्त्ता एवं सभी वरीय प्रखंड प्रभारी नियमित रूप से आवंटित प्रखंड क्षेत्र में भ्रमण कर बाढ़ से सुरक्षा हेतु सभी तैयारियों की समीक्षा एवं अनुश्रवण करते रहेंगे।
इसके साथ ही बाढ़ प्रमण्डल, झंझारपुर – 1 एवं 2 के कार्यपालक अभियंतागणों को सभी तटबंधो की मरम्मति कार्य शीघ्र पूर्ण करा लेने का सख्त निर्देश दिया गया है।
समीक्षा में पाया गया कि मरम्मति कार्य की गति अत्यंत धीमी है। बांध पार कर गाड़ियों के आने जाने के कारण बॉध पर कई स्थलों पर बड़े बड़े काट हो गया है जिसे तुरंत भरने की आवश्यकता है।
जिलाधिकारी ने कार्यपालक अभियंता को स्वयं सभी बाँध/ तटबंध का निरीक्षण कर सभी लंबित कार्यां को युद्ध स्तर पर पूरा करने का निदेश दिया है। साथ ही बाढ़ से बांध की सुरक्षा हेतु संभावित कटाव स्थल पर पर्याप्त मात्रा में सैंड बैग, बोल्डर का स्टॉक रखने, जेनरेटर एवं पर्याप्त संख्या में मजदूरों को तैनात रखने को कहा गया हैं. कहा हैं कि 1 जुलाई से सभी ए इ / जेई बांध पर तैनात रहेंगे. सिर्फ होम गार्ड के भरोसे बांध को नहीं छोड़ा जा सकता हैं. चेतावनी दिया गया है कि तकनीकी खामियों के चलते अगर कहीं पर बाँध टूटेगा तो संबंधित एजेंसी एवं संवेदक के विरूद्ध आपराधिक मुकदमा दर्ज कर जेल भेजने की कार्रवाई की जायेगी।
इस बैठक में उप विकास आयुक्त डॉ. कारी प्रसाद महतो, एडीएम विभूति रंजन चौधरी, सहायक समाहर्त्ता (प्रशिक्षु) विनोद दुहन, सभी वरीय प्रखण्ड प्रभारी, सभी अनुमण्डल पदाधिकारी, भूमि सुधार उप समाहर्त्ता, सिविल सर्जन, प्रखण्ड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, संबंधित कार्यपालक अभियंता आदि उपस्थित थे।

जिला जन सम्पर्क पदाधिकारी
दरभंगा।

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