सदर अस्पताल में तंबाकू इस्तेमाल करने वालों का कटा चालान
– 6लोगों ने भरी जुर्माने की राशि
-2016 में ही ध्रूमपान मुक्त हो चुका है जिला

मधुबनी जिले में कोरोना महामारी और गंभीर रोगों से बचाव के लिए सदर अस्पताल के पास गुटखा, तंबाकू बेचने व खाने वालों के खिलाफ अभियान चलाया गया। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग के जिला गैर-संचारी रोग पदाधिकारी डॉ. एसपी सिंह एवंसीड्स के कार्यक्रम पदाधिकारी मनोज कुमार झा ने छापामारी अभियान चलाया के नेतृत्व में सदर अस्पातल परिसर में तंबाकू का इस्तेमाल करने वालों का चालान काटा गया। जिसके तहत 6 लोगों को जुर्माना भरना पड़ा। तम्बाकू सेवन कर यत्र –तत्र थूकने से कोरोना संक्रमण फैलने की संभावना रहती है। इसलिए तम्बाकू सेवन करने वाले लोगों के विरुद्ध छापामारी अभियान चलाया जा रहा है जिसमें तम्बाकू पदार्थों के सेवन करते हुए लोगों से जुर्माना वसूला गया। सदर में विभिन्न जगहों पर एवं सार्वजनिक स्थानों पर तम्बाकू उत्पादों का सेवन करने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। लोगों से जुर्माना वसूला गया साथ हीं उन्हें कड़ी चेतावनी देते हुए कहा गया कि अगर दोबारा ऐसा करते पाए गए तो छह महीने जेल की भी सजा हो सकती है। कोरोना काल में वायरस से आम लोगों को बचाने के लिए बहुत ही आवश्यक है कि जहां तहां थूकने वाले को रोका जाए। जिले को वर्ष 2016 में ही ध्रूमपान मुक्त हो चुका है।
तंबाकू सेवन से मुंह का कैंसर की संभावना रहती है :
एनसीडीओ डॉ एसपी सिंह ने बताया तंबाकू का किसी भी तरह से सेवन कैंसर का कारक बन रहा है। इसमें भी पान मसाले के साथ तंबाकू मिलाकर सेवन करना, खैनी खाने से मुंह के कैंसर के केस तेजी से बढ़ रहे हैं। यह युवाओं में भी देखने को मिल रहा है। हाल ही में विश्व स्वास्थ्य संगठन और भारत सरकार द्वारा प्रकाशित गैट्स 2 के सर्वे में बिहार में तम्बाकू सेवन करने वालों में कमी आने की बात है, यह आंकड़ा पिछले 7-8 साल में 53.5% से घट कर 25.9% हो गया है। जिसमें चबाने वाले तम्बाकू सेवन करने वालों का प्रतिशत 23.5% है।
कोरोना से बचने के लिए उठाया गया कदम:
एनसीडीओ डॉ. एस पी सिंह ने बताया तंबाकू का सेवन जन स्वास्थ्य के लिए बहुत हीं हानिकारक है। थूकना संक्रमण रोग के फैलने का एक प्रमुख कारण है। तंबाकू सेवन करने वाले की प्रवृति यत्र-तत्र थूकने की होती है। थूकने के कारण कई गंभीर बीमारी यथा कोरोना, इंसेफलाइटिस, यक्ष्मा, स्वाइन फ्लू आदि का संक्रमण फैलने की संभावना रहती है। भा.द.वि. (आईपीसी) की धारा 268 एवं 269 के तहत कोई भी व्यक्ति यदि महामारी के अवसर पर उपेक्षापूर्ण अथवा विधि विरुद्ध कार्य करेगा जिससे जीवन के लिए संकटपूर्ण रोग का संक्रमण हो सकता है तो उसे छह माह की कारावास एवं अथवा 200 रुपये जुर्माना किया जा सकता है।
तंबाकू चबाने वाले भी कोरोना वायरस से रहें सतर्क :
एनसीडीओ डॉ. एसपी सिंह के मुताबिक तंबाकू चबाने वालों को गंभीर रोग जैसे- कैंसर, फेफड़े की गंभीर बीमारी और मधुमेह से ग्रसित होने की संभावना सबसे अधिक रहती है। ऐसे में कोरोना वायरस की चपेट में आने के बाद तंबाकू चबाने वालों में गंभीर श्वसन संक्रमण रोग होने की संभावना रहती है।
फेफड़ों को प्रभावित करता है धूम्रपान:
धूम्रपान फेफड़ों को गंभीर रूप से प्रभावित करता है। इससे प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है। शरीर की बीमारियों से लड़ने की क्षमता कमजोर हो जाती है। धूम्रपान, ई-सिगरेट, धुआं रहित तंबाकू, पान मसाला और इस तरह के उत्पादों का उपयोग फेफड़ों के संक्रमण के जोखिम और गंभीरता को बढ़ा देते हैं। मौके पर मनोज , रामप्रीत और संतोष कुमार मौजूद थे।
छापेमारी टीम में तम्बाकू नियंत्रण कोषांक के लक्ष्मी कान्त झा आलोक रंजन , डॉक्टर कुणाल कौशल एवं अन्य भी सामिल थे।
कोविड-19 से बचाव के लिए इन बिंदुओं पर विशेष ध्यान:
• मास्क का प्रयोग अवश्य करें
• हाथों को बार-बार पानी और साबुन से धोएं या सैनिटाइज करें
• सहयोगियों से परस्पर दो गज की दूरी बनाकर रखें
• आगंतुकों से मिलते समय भी परस्पर दूरी रखें और बाचतीत के दौरान भी मास्क का प्रयोग आवश्यक है
• कार्य के दौरान अति आवश्यक वस्तु को ही छुए
• सहकर्मियों से बात करें, अपने मानसिक स्वास्थ्य का ख्याल रखें
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