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मधुबनी को तम्बाकू मुक्त जिला बनाने का किया संकल्प

मधुबनी को तम्बाकू मुक्त जिला बनाने का किया संकल्प

-जिला प्रशासन एवं पुलिस उल्लंघनकर्ताओं के खिलाफ़ चलाएगा सघन अभियान
-सार्वजनिक स्थानों और सरकारी दफ्तरों में तम्बाकू सेवन करने वालों को किया जाएगा दण्डित
-उपविकास आयुक्त ने सभी सार्वजनिक स्थानों व कार्यालयों में तम्बाकू मुक्त क्षेत्र का बोर्ड लगाने का दिया निर्देश
-डीडीसी ने पंचायत स्तर पर जागरूकता अभियान चलाकर आमजनों को तम्बाकू के दुष्प्रभावों से अवगत कराने का दिया निर्देश

 

मधुबनी आज समाहरणालय सभा कक्ष में उपविकास आयुक्त अजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में तंबाकू नियंत्रण पर जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए उप विकास आयुक्त ने समस्त ज़िला वासियों से अपील करते हुए कहा कि हमलोगों को अपने जिले को तम्बाकू मुक्त जिला बनाने की मुहिम शुरू करनी है। ताकि हमारी आने वाली पीढ़ियों को तम्बाकू के दुष्प्रभावों से बचाया जा सके। उप विकास आयुक्त ने तम्बाकू नियंत्रण के लिए जिले में त्रिस्तरीय छापामार दस्ते के गठन का निर्देश दिया। साथ हीं शैक्षणिक संस्थानों के 100 गज के अंदर अवस्थित सभी तम्बाकू उत्पाद बेचने वाले दुकानदारों को हटवाते हुए नियमित रूप से छापामारी करने का निर्देश दिया।
तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम को अभियान के रूप में चलाए जाने के काफी अच्छे परिणाम-
उपविकास आयुक्त अजय कुमार सिंह ने बताया कि वर्ष 2003 में भारतीय संसद द्वारा पारित कोटपा अधिनियम के सफल क्रियान्वयन के कारण देश में तंबाकू नियंत्रण पर काफी हद तक सफलता मिली है। कहा कि धूम्रपान करना एक खतरनाक आदत है। जहां छोटे-छोटे बच्चे हैं वहां तो स्थिति और भी अधिक नाजुक बन जाती है। तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम को अभियान के रूप में चलाए जाने के काफी अच्छे परिणाम प्राप्त हुए हैं। केंद्र सरकार, राज्य सरकार, सरकार के सभी कार्यालय, शैक्षणिक संस्थानों, सामाजिक संस्थानों एवं मीडिया जगत का इस अभियान को चलाने में काफी सहयोग मिला है। अब सार्वजनिक स्थलों यथा सिनेमा हॉल, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, सार्वजनिक सड़क, शिक्षण संस्थानों, कार्यालयों सहित अन्य स्थानों पर धूम्रपान करना एक दंडनीय अपराध है।

तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम हेतु राज्य सरकार की तकनीकी सहयोगी संस्था सोशियो इकोनॉमिक एण्ड एजुकेशनल डेवलपमेंट सोसाइटी (सीड्स) के कार्यपालक निदेशक दीपक मिश्रा ने पावर पॉइंट प्रजेंटेशन के माध्यम से राज्य सरकार एवं सीड्स के द्वारा संयुक्त रूप से राज्य के सभी 38 जिलों में चलाए जा रहे तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत तम्बाकू नियंत्रण अधिनियम कोटपा-2003 की विभिन्न धाराओं के बारे में विस्तार से बताया। साथ ही उन्होंने राज्य सरकार द्वारा उठाये जा रहे कदम की जानकारी दी।

सीड्स के कार्यपालक निदेशक ने बताया कि पिछले सालों में राज्य स्वास्थ्य समिति, बिहार सरकार के द्वारा राज्य के विभिन्न जिलों में तम्बाकू नियंत्रण अधिनियम (कोटपा 2003) के अनुपालन का एक स्वतंत्रत एजेंसी से सर्वेक्षण करवाया जाता रहा है। उक्त अनुपालन सर्वेक्षण में धूम्रपान मुक्त के तय मानकों के आधार पर मधुबनी जिला को धूम्रपान मुक्त जिला घोषित किया जा चुका है।

उप विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह ने कहा कि इस अभियान को सफल करने के लिए और अधिक प्रयास करन होगा । समाज के आम लोगों के बीच जाकर तंबाकू के सेवन के दुष्प्रभावों से अवगत करवाते हुए इसपर पूर्ण नियंत्रण लगाने हेतु कार्य करने होंगे। लोगों को तंबाकू का सेवन नहीं करने हेतु प्रेरित एवं जागरूक करना होगा। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार कोविड-19 से लड़ रहे हैं उसी प्रकार हमें तंबाकू को समाप्त करने हेतु लड़ना होगा । उपविकास आयुक्त ने कहा कि आप सभी के सामूहिक प्रयास से आज इस कार्यक्रम को पंचायत स्तर तक चलाने की जरूरत है।

सिविल सर्जन डॉ सुनील कुमार झा ने कार्यशाला में उपस्थित सभी प्रतिभागियों का स्वागत किया। तंबाकू नियंत्रण के जिला नोडल पदाधिकारी डॉ. एस पी सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन किया।

ये रहे उपस्थित:
कार्यक्रम में सिविल सर्जन, एसीएमओ, सभी अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला नोडल पदाधिकारी, डाॅ.एस पी सिंह, सीड्स के कार्यक्रम प्रबंधक मनोज कुमार झा, एनसीडी सेल के लक्ष्मी कांत झा, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी उपस्थित थे।

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