वाम- धर्मनिरपेक्ष दलों के संवाददाता सम्मेलन से जारी
संयुक्त किसान संगठनों के आह्वान पर आयोजित 27 सितंबर का भारत बंद ऐतिहासिक होगा.
भारत बन्द में दरभंगा
वासियो से समर्थन कि अपील, सभी लोग मिलकर सफल बनायें।
हर घर नल-जल योजना में व्याप्त भ्रष्टाचार व लूट की न्यायिक जांच की जाए.
जांच पूरी होने तक उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद को कैबिनेट से बाहर किया जाए.
दरभंगा विगत 10 महीनों से किसान दिल्ली के मोर्चे पर डटे हुए हैं, अब तक 600 किसानों की शहादत हो चुकी है। बावजूद अंबानी-अडानी परस्त केंद्र सरकार किसानों से वार्ता करने को तैयार नहीं है। यह संवेदनहीनता का चरम है। प्रस्तावित बिजली विधेयक के जरिये केंद्र सरकार बिजली का कारपोरेटीकरण करने में लगी है। जनता की गाढ़ी कमाई से खड़ी राष्ट्रीय सम्पदाओं रेल, सेल, भेल, सड़क, अस्पताल, बैंक, बीमा आदि को बेचने में लगी है
कमरतोड़ मंहगाई से त्रस्त जनता के ऊपर टैक्स का बोझ लगातार बढ़ता ही जा रहा है। आज़ादी के बाद अर्थव्यवस्था की ऐसी बुरी हालत कभी नहीं हुई थी। बेरोजगारी की बढ़ती दर हर रोज नया रिकॉर्ड बना रही है, वहीं मज़दूरी दर में हाल के दिनों में भारी गिरावट हुई है. 44 श्रम कानूनों को खत्म कर मजदूर विरोधी 4 श्रम कोड कानून लाया गया है। इसके खिलाफ आगामी 27 सितंबर को संयुक्त किसान संगठनों के आह्वान पर आयोजित भारत बंद बिहार में ऐतिहासिक होने वाला है। वाम दल पूरी मुस्तैदी से बंद के समर्थन में सड़कों पर उतरेंगे।
उक्त बातें आज भाकपा(माले) जिला कार्यालय में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए वाम धर्मनिरपेक्ष दल के नेताओं ने कही। संवाददाता सम्मेलन में भाकपा-माले के राज्य स्थायी समिति सदस्य सह जिला सचिव बैद्यनाथ यादव, राजद जिला अध्यक्ष उमेश राय, कांग्रेस जिला अध्यक्ष सीताराम चौधरी, सीपीएम के जिला सचिव अविनाश कुमार ठाकुर उर्फ मंटू,सीपीआई के जिला मंत्री नारायण जी झा, दिलीप भगत, उमेश साह शामिल थे।
वाम धरनिर्पेक्ष दल के नेताओं ने आगे कहा कि उक्त मांगों के अलावा बिहार में बाढ़, किसानों-बटाईदारों को प्रति एकड़ 30 हजार रुपये मुआवजा मनरेगा मज़दूरों का कार्ड, काम और समय पर मज़दूरी भुगतान की गारंटी, मनरेगा में दैनिक मज़दूरी 600 रुपये करने, वायर फीवर से लगातार हो रही मौतों आदि सवालों को भी उठाया जाएगा।
वाम धर्मनिरपेक्ष दल के नेताओं ने कहा कि बिहार सरकार की बहुप्रचारित नल-जल योजना में व्याप्त भ्रष्टाचार व लूट के खिलाफ लगातार आंदोलन चलता रहा है, लेकिन सरकार ने उन सवालों को अनसुना करने का काम किया है. लोगों को लग रहा था कि मुखिया व वार्ड सदस्यों ने भ्रष्टाचार किया है. लेकिन अब जो तथ्य उभरकर सामने आ रहे हैं, वे भयावह हैं और बिहार में संस्थागत भ्रष्टाचार की पोल खोलने वाले हैं. इन तथ्यों से जाहिर है कि भाजपा-जदयू संरक्षित ताकतों ने आम लोगों से पेयजल छीनने का काम किया है। इसलिए वाम दल इस पूरे मामले की हाईकोर्ट के सीटिंग जज से न्यायिक जांच कराने की मांग करते हैं. साथ ही, वाम नेताओं ने राष्ट्रीय स्तर की किसी प्रतिष्ठित एजेंसी से सभी पंचायतों में नल-जल योजना की भौतिक स्थिति का सर्वे कराने की भी मांग की।
यह भी कहा कि जब तक जांच पूरी नहीं होती है, नल-जल योजना में भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरे उपमुख्यमंत्री श्री तारकिशोर प्रसाद को कैबिनेट से बाहर रखा जाए।
वाम धरनिर्पेक्ष दल के नेताओं ने दरभंगा के आम आवाम से 27 सितंबर के भारत बंद को ऐतिहासिक बनाने की अपील की है।
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