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सांप्रदायिक सौहार्द का संदेश भी दे रहे बाबा सिद्धेश्वर नाथ

सांप्रदायिक सौहार्द का संदेश भी दे रहे बाबा सिद्धेश्वर नाथ

मनीगाछी प्रखंड के टटुआर पंचायत अंतर्गत विशौल गाम मे अवस्थित अति प्राचीन श्री श्री 108 बाबा सिद्धेश्वरनाथ महादेव मंदिर इलाके मे धार्मिक आस्था का केंद्र बिंदु होने के साथ-साथ सांप्रदायिक सौहार्द का अद्भुत उदाहरण भी प्रस्तुत कर रहा है। मंदिर के प्रबंधन की बागडोर जहाँ गांव के हिंदूओं ने थाम रखी है वहीं, इस परिसर के साफ-सफाई की जवाबदेही गांव के समसुल मियां ने स्वेच्छा से ली हुई है। मंदिर परिसर की अपने दोनों हाथ में झाड़ू थामकर साफ-सफाई करने वाले समसुल मियां कहते हैं कि मनोकामना सिद्धि के लिए इलाके में प्रसिद्ध बाबा सिद्धेश्वरनाथ मंदिर परिसर की साफ-सफाई करते हुए उन्हें अद्भुत आत्मसंतोष मिलता है। इस कृत्य से उन्हें धर्म लाभ तो होता ही है साथ-साथ, गांव-समाज के लोगों द्वारा उनके सेवा भाव को सम्मान की नजर से देखा जाना, उनमे अभूतपूर्व संतोष का भाव जगा जाता है।
मंदिर परिसर मे नवनिर्मित ‘इन्द्रकांत झा स्मृति द्वार’ भी न केवल भक्तों के विशेष आकर्षण मे है, बल्कि गंगा-जमुनी हुनर की नायाब मिसाल भी बना हुआ है। अपने पिता स्व० इन्द्र कांत झा की पुण्य स्मृति में विदेश मे कार्यरत ग्रामीण नवीन कुमार झा द्वारा बनवाये गये इस द्वार की खासियत है कि करीब 200 वर्ष पुराने इस मंदिर के बरामदा की अनुकृति के रूप में निर्मित इस द्वार का ढांचा जहाँ, लोक आस्था के महान पर्व छठ में सालो-साल से सूर्य भगवान को अर्घ्य देनेवाले अदलपुर गांव के बुजुर्ग राजमिस्त्री सागर के हाथों से तैयार हुआ है वहीं, इसकी कसीदाकारी जुम्मा और ईद के नमाज में दुआ के लिए उठने वाले गांव के युवा राजमिस्त्री मो० फिरोज के हाथों से हुआ है। इलाके मे सैकड़ों निजी भवन और घर का निर्माण करनेवाले मो० फिरोज कहते हैं – बाबा सिद्धेश्वर नाथ मंदिर के प्रवेश द्वार की कसीदाकारी करने से उनमें अभूतपूर्व आत्मबल का संचार हुआ है। इस कार्य को करने के बाद इलाके के लोगों ने उनके हुनर को सम्मान की नजर से देखकर उनमें अद्भुत संतोष का भाव जगा दिया है। मंदिर परिसर की सफाई मे लगे समसुल मियां के दोनों हाथ के साथ करीब 200 वर्ष पुराने इस मंदिर का नवनिर्मित प्रवेश-द्वार गंगा-जमुनी तहजीब को दर्शाने के साथ-साथ सांप्रदायिक सद्भाव के लिए हमेशा से उदाहरण बनता रहा यह कृत्य इस गांव के साथ-साथ इलाका के लोगों के लिए प्रेरणा स्रोत है।

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