बाल दूर व्यापार तथा बंधुआ मजदूरी के चंगुल में फंसे दो बच्चे को करवाया गया मुक्त, ट्रैफिकर बिगन राय अब भी फरार

बच्चों के मुक्त होने की खबर से मिलते ही माँ के आंख से छलका खुशी का आंसू , बच्चों के उद्धार में बचपन बचाओ आंदोलन की भूमिका महत्वपूर्ण
सीतामढ़ी जिला के सोनबरसा थाना क्षेत्र में बच्चों को बंधुआ मजदूर बनाकर उनका दूर व्यापार करने के घटना में नोबेल शांति पुरस्कार प्राप्त श्री कैलाश सत्यार्थी की संगठन बचपन बचाओ आंदोलन के पहल से 2 बच्चों को थाना क्षेत्र के कचहरी पुर निवासी दलाल के घर से सोमवार को सोनबरसा थाना के पुलिस ने मुक्त करवाया है। 2 साल पहले सोनबरसा थाना क्षेत्र के गांव से गरीब परिवारों के दो बच्चों को पास के ही गांव के ठेकेदार पैसों का लालच देकर पंजाब में आलू के खेतों में काम करवाने के लिए ले गया बच्चों को वहां ले जाने के बाद से परिवार के साथ किसी किसी प्रकार का संपर्क नहीं रखने दिया गया
अपने बच्चे को खोजते हुए जब एक पिता पिछले साल पंजाब पहुंचा तो अपने बच्चों को बुरे हालात में देखकर वह दंग रह गया उसने देखा कि वहां उनके बच्चों के साथ और भी कई सारे बच्चों को दिन में 18- 18 घंटा काम करवाया जाता है, एक वक्त का खाना दिया जाता है तथा मजदूरी भी नहीं दिया जाता है जब वह अपने बच्चे को घर ले जाने का बात बोला तो ठेकेदार ने बच्चे के पिता को गाली गलौज देते हुए तथा बच्चों को मार डालने की धमकी देते हुए वापस भेज दिया ,पिछले महीने बच्चों के घर वालों ने बचपन बचाओ आंदोलन के सहायक परियोजना अधिकारी मुकुंद कुमार चौधरी से संपर्क किया तथा बच्चों को छुड़वाने के लिए मदद मांगा इस घटना को बचपन बचाओ आंदोलन के राज्य समन्वयक श्री अरिजीत अधिकारी ने जिले के पुलिस अध्यक्ष तथा राज्य के वरीय पुलिस अधिकारियों से संपर्क बनाते हुए प्राथमिकी दर्ज करने का आवेदन किया तथा इसके बाद 23 मार्च 2022 को सोनबरसा थाना में इस घटना के संदर्भ में मानव दूर व्यापार से संबंधित आईपीसी की धारा 370, जेजे एक्ट तथा बाल मजदूरी अधिनियम की धाराओं को देते हुए प्राथमिकी दर्ज की गई ,बच्चों को पंजाब से रेस्क्यू करने के लिए बचपन बचाओ आंदोलन के अब्दुल मालिक खान ,बच्चे का पिता तथा पुलिस का एक् कर्मी
पंजाब रवाना हुआ तथा 6 अप्रैल के रात को दिए गए सूचना के अनुसार पंजाब के जालंधर में मैं रेड की गई लेकिन प्राथमिकी में दर्ज दो बच्चों को उद्धार नहीं किया जा सका था ट्रैफिकर बिगन राय पुलिस के आने से पहले ही वहा से बच्चे के साथ फरार हो चुका था। लेकिन इस संवेदनशील घटना में बचपन बचाओ आंदोलन के पहल से सीतामढ़ी पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी दोनों ही बच्चे को ट्रैफिकर के घर से मुक्त करवाया गया लेकिन ट्रैफिकर गिरफ्तार नहीं हो सका और पहले ही भाग निकला था।इस मामले में बचपन बचाओ आंदोलन के राज्य समन्वयक अर्जित अधिकारी ने बच्चों को मुक्त करवाने के लिए पुलिस अधीक्षक सीतामढ़ी एवं पुलिस उपाधीक्षक रामकृष्ण कुमार की भूमिका अति महत्वपूर्ण बताया है श्री अधिकारी ने कहा कि हम उम्मीद करते हैं कि सीतामढ़ी तहत बिहार के सैकड़ों बच्चे जो अन्य राज्यों में बंधुआ मजदूरी में फंसे हुए हैं उनको सही सलामत उद्धार करने में बिहार पुलिस अपना योगदान निभाए। सोनबरसा थाना के एस आई रविकांत कुमार ने इस संदर्भ में बताया कि बच्चों को थाना क्षेत्र के कचहरी पुर निवासी आरोपी बिगन राय के घर से मुक्त करा कर बाल कल्याण समिति के आदेश से बाल गृह भेजा गया है आरोपी के गिरफ्तारी हेतु पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।।
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