फर्जी कागजात दिखाकर जमीन बिक्री के नाम पर करोड़ों रूपया ठगी करने वाले वयक्ति के घर प्रशासन ने चिपकाया इस्तीहार

फर्जी कागजात दिखाकर जमीन बिक्री के नाम पर करोड़ों रूपया ठगी करने के संबंध में।

वर्तमान  मुहल्ला- बरहेत्ता, थाना- बहादुरपुर, जिला- दरभंगा का निवासी तथा व्यवसाय करता हूँ तथा दरभंगा में व्यवसाय के विस्तार हेतु जमीन खरीदना चाह रहा था। वर्ष 2015 ई0 में दिलीप कुमार मंडल और उनके भाई मनोज कुमार मंडल दोनों पुत्र स्व राम नारायण मंडल तथा  अर्चना मंडल पत्नी  मनोज कुमार मंडल सभी निवासी मुहल्ला आजमनगर, मौलवीगंज कादिराबाद थाना विश्वविद्यालय, जिला- दरभंगा के निवासी है. जो मुझसे मिले तथा मुझे कहा कि मुहल्ला हसनचक, थाना- नगर, जिला दरभंगा अवस्थित खेसरा नम्बर 10987 (90). 003 (नया) की जमीन उनकी खरीदगी जमीन है जिसे वे बिक्री करना

चाहते हैं।

तीनों व्यक्ति ने अपने-अपने नाम से खरीदगी जमीन का कागजात मुझे देखने दिया जो उन्होंने मिथिला मंडल सहकारी गृह निर्माण सहयोग समिति, लालबाग, दरभंगा से अलग-अलग अपने नाम से प्राप्त किया था। दिलीप कुमार मंडल ने अपने नाम से खरीदगी जमीन में से उपरोक्त खेसरा की तीन कट्ठा जमीन पच्चीस लाख रूपये प्रति कट्ठा की दर से कुल 75 लाख (पचहत्तर लाख रूपया में उनके भाई मनोज कुमार मंडल ने भी पच्चीस लाख रूपये प्रति कहा की दर से तथा मनोज कुमारमंडल की पत्नी अर्चना मंडल ने अपनी खरीदगी जमीन में से 6 कट्ठा जमीन 35,00,001/- (पैंतीस लाख एक रूपया) प्रति कट्ठा की दर से बिक्री की बात तय किया जिसे मैंने भी स्वीकार किया।

दिनांक 7.0.2015 को मनोज कुमार मंडल ने तथा दिनांक 24.6.2015 को अर्चना मंडल तथा दिनांक 2.9.2017 को दिलीप कुमार मंडल ने मुझे अग्रिम जरसेमन की राशि बैंक के माध्यम से एवं चेक द्वारा प्राप्त कर मेरे नाम अपने घर गु० – आजमनगर, कादिराबाद, थाना- विश्वविद्यालय, जिला- दरभंगा में अलग-अलग महदानामा निष्पादित कर दिया तथा महदानामा निष्पादन के उपरांत भी मुझसे कई बार बैंक के माध्यम से तथा नगद शेष जरसेमन से राशि प्राप्त करते रहे है, जिसका पूर्ण विवरण इस आवेदन के अंत में दर्ज है।

उनलोगों ने मुझे आश्वासन दिया था कि महदानामा में अंकित जमीन की वो पैमाइस कर तथा गैरे

खर्चे पर घेराबंदी कर मुझसे शेष जरसेमन की राशि प्राप्त कर चिक्रीनामा दस्तावेज निष्पादित कर देंगे।

काफी समय बीतने के उपरांत भी जब उनलोगों ने ना तो जमीन की पैमाईस ही करायी और ना ही

घेराबंदी की तो मैंने अपने स्तर से पता किया तो पता चला कि उपरोक्त जमीन सरकारी जमीन है तथा बिहार सरकार ने

उक्त जमीन पर मनोज कुमार मंडल वो अन्य के विरुद्ध अवर न्यायाधीश, दरभंगा के न्यायालय में हकियत बाद संख्या

105/2017 दाखिल कर रखा है।

मुझे यह भी ज्ञात हुआ कि उपरोक्त तीनों व्यक्ति बमेल एक दूसरे के फर्जी कागजात दिखाकर सरकारी जमीन को बिक्री किए जाने के नाम पर कई लोगों से रूपया की ठगी कर चुके हैं। इसके उपरांत मैने उनलोगों से दी गयी अग्रिम जरसेमन की राशि की मांग करना प्रारंभ किया जिसे ये कोई न कोई बहाना बनाकर टालते रहे।

मजबूरन मैंने उन तीनों लोगों को बजरिये निबंधित डाक दिनांक 25.8.2020 एवं दिनांक 6.10.2020 द्वारा दो बार अलग-अलग वकालतन नोटिस देकर मुझसे ली गयी अग्रिम जरसेमन के राशि की मांग किया, लेकिन वे

लोग आज तक मुझसे सरकारी जमीन के फर्जी कागजात के नाम पर मुझसे ली गयी राशि आजतक वापस नहीं किया

तथा उसके गबन करने का प्रयास कर रहे हैं।

अत: श्रीमान से निवेदन है कि उक्त तीनों व्यक्तियों के विरुद्ध फर्जी दस्तावेज बनायें

जमीन बिक्री किए जाने के नाम पर मुझसे ली गयी राशि गबन करने के प्रयास करने के विरुद्ध उचित कानूनी कार्यवाई

करने की कृपा की जाय । 1. दिलीप कुमार मंडल पुत्र स्व राम नारायण मंडल के द्वारा मुझसे ली गयी राशि का विवरण

दिनांक चढ़ा हुआ

19.9.16

राशि 5,00,000/

(पाँच लाख रूपया)

5.10.10

18.17

10.8.17

28.8.17

तीन तिथियों में

5,00,000/ (पाँच लाख रूपया)

2,85,000/ (दो लाख पचासी हजार रूपया)

2,15,000/ रूपया)

(दो लाख पन्द्रह हजार

7,00,000/

(सात लाख रूपया) 20,00,000/

(बीस लाख रूपया)

माध्यम आर.टी.जी.एस. द्वारा

आर.टी.जी.एस. द्वारा

आर.टी.जी.एस. द्वारा

आर.टी.जी.एस. द्वारा

चेक संख्या 28671 के द्वारा

नगद साक्षियों के समक्ष

कुल- 42,00,000/ (बियानिलस लाख रूपया)

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