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8 वर्ष के मासूम रिजवान की गिरफ्तारी से नाराज नजरे आलम 14 सितम्बर को जायेंगे सिवान: बेदारी कारवाँ

8 वर्ष के मासूम रिजवान की गिरफ्तारी से नाराज नजरे आलम 14 सितम्बर को जायेंगे सिवान: बेदारी कारवाँ

सिवान के बड़हड़िया में मुस्लिम समुदाय पर हो रही एकतरफा कार्रवाई सुशासन के मुंह पर तमांचा: नजरे आलम

दरभंंगा- लगातार सिवान में अमन के माहौल को खराब किए जाने, 8 साल के मासूम बच्चे और एक बिमार जईफ की गिरफ्तारी से नाराज ऑल इंडिया मुस्लिम बेदारी कारवाँ के राष्ट्रीय अध्यक्ष नजरे आलम 14 सितम्बर, 2022 को सिवान जायेंगे और पीड़ित परिवार से मिलेंगे। नजरे आलम ने मिडिया से बताया सिवान को इन दिनों कुछ साम्प्रदायिक शक्तियों ने हाईजैक कर लिया है यही कारण है के लगातार सिवान जैसी जगहों पर साम्प्रदायिक सौहार्द भिगाड़ा जा रहा है और प्रशासन भी अंदरखाने से ऐसे लोगों की मदद करती नजर आ रही है। पहले शहाबुद्दीन साहब के करीबी हथौड़ा गांव निवासी अदनान सिद्दीकी को साजिश के तहत पुलिस और आरएसएस वालों ने पीटा, उपद्रव मचाया, बड़े पैमाने पर तोड़ फोड़ किया, फिर मो0 कैफ की गिरफ़्तारी और अब बड़हरिया में मस्जिद पर हमला ये दर्शाता है के प्रशासन और सरकार के सहयोग से मुस्लिम समुदाय को जानबूझकर टार्गेट किया जा रहा है। नजरे आलम ने आगे कहा के राज्य सरकार और सिवान के लिए सबसे शर्म की बात है के बड़हरिया मामले में 8 वर्ष के मासूम रिज़वान को गिरफ़्तार कर जेल भेज दिया गया है। नजरे आलम ने कहा के नीतीश कुमार जनताराज की बात करते हैं और तेजस्वी यादव गरीबों की सरकार बता रहें तो हम जानना चाहते हैं के बिहार का मुसलमान किया भाजपा के नाम पर मार खाने के लिए है। उन्होंने सिवान की जनता से भी अपील करते हुए कहा के अभी बड़हड़िया में हालात ठीक-ठाक है मुस्लिम मोहल्ले में मस्जिद के पास पुलिस कैंप कर रही है, अफवाहों से दूर रहें। किसी को भी कानून को अपने हाथों में नहीं लेना है। स्थानीय प्रशासन को चाहिए के जिसकी भी संलिप्ता है इस कांड में है उसपर एफआईआर कर जेल भेजे और पकड़े गए बेकसूर लोगों को तुरंत रिहा करे। साथ ही 8 वर्ष के मासूम मो0 रिजवान को भी अविलंब रिहा करे। नजरे आलम ने सिवान पुलिस की ओर से मुसलमानों पर एकतरफा कार्रवाई को भी गलत बताया, सुशासन की सरकार में मुस्लिम समुदाय के अंदर पनप रहे असुरक्षा के माहौल पर चिंता जताई और कहा के जनता को नई सरकार से जो उम्मीद थी उसपर नीतीश कुमार जी कहीं से खड़ा नहीं उतर रहे। ऐसा लगता है के प्रधानमंत्री बनने के चक्कर में बिहार को गुंडों के हवाले छोड़ दिए हैं। उन्होंने अंत में नीतीश सरकार से मांग करते हुए कहा के जल्द से जल्द ऐसे मामले पर रोक लगायें और बिहार को पुन: जंगलराज से बचायें। अगर वाकई जनताराज है और गरीबों के लिए सरकार बनी है तो दंगाईयों पर कानूनी कार्रवाई कर जेल में डालें और मुसलमानों में जो असुरक्षा का माहौल है बन रहा है उसे भी दूर करें।

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