विश्व हाथ धुलाई दिवस का हुआ आयोजन
डीएम व डीडीसी के साथ पदाधिकारियों ने धोए अपने हाथ

दरभंगा समाहरणालय के प्रांगण में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण)/लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान के अंतर्गत विश्व हाथ धुलाई दिवस का आयोजन किया गया।
जिला जल एवं स्वच्छता समिति, दरभंगा द्वारा आयोजित कार्यक्रम में जिला समन्वयक श्याम कुमार सिंह ने बताया कि इस अभियान के अंतर्गत हाथ को साबुन से अच्छी तरह से धोने की विधि बताई जा रही है। उन्होंने कहा कि हाथ धोने के लिए हैंडवाश/साबुन लगाकर पहले दोनों हाथों को रगड़े फिर हथेलियों को पलट कर रगड़े उसके बाद उंगलियों के बीच में रगड़े फिर उंगलियों के सतह की पीछे साफ करें, अंगूठे की सतह को रगड़े एवं नाखूनों को साफ करें। इस प्रक्रिया में कम से कम 20 सेकंड तक हाथ पर हैंडवाश/साबुन का झाग रहना चाहिए, इसके उपरांत पानी से अच्छी तरह से हाथ को धोएं।
इस अवसर पर जिलाधिकारी श्री राजीव रौशन ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि हम जानते हैं कि हाथ की साफ-सफाई का मानव जीवन में एक विशेष महत्व है अगर हम खाने से पहले, खाने के बाद, सही तरीके से हाथ धोते हैं, तो हम स्वस्थ्य रहते हैं। स्वच्छ हाथ रखने से शरीर स्वस्थ रखने की शुरुआत होती है।
उन्होंने कहा कि वर्ल्ड हैंड वाशिंग डे(विश्व हाथ धुलाई दिवस) केवल एक दिवस नहीं बल्कि सही प्रकार से सही जीवन जीने की कला को दोहराने का समय है। जैसा कि स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण, लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान के द्वारा दरभंगा समाहरणालय में आज इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। हम चाहते हैं कि यह कार्यक्रम सिर्फ समाहरणालय का कार्यक्रम न बने, बल्कि दरभंगा के सभी परिवारों में खास करके जो हमारे बच्चे, जो हमारा भविष्य हैं, उनमें हाथ धोने के सही प्रशिक्षण हो एवं यह संदेश सभी तक पहुंचे।
उन्होंने कहा कि हमारे विद्यालय/ऑंगन बाड़ी केंद्र की इसमें बड़ी भूमिका होगी, पंचायती राज संस्थान और इस प्रकार से जितने भी हमारे संस्थान है, वे भी इस तरह का कार्यक्रम अपने यहां चलावें।
यह कार्यक्रम देखने में बहुत छोटा लगता है, लेकिन इसके परिणाम दूरगामी होंगे और इसका प्रभाव व्यापक होगा।
हम लोगों ने देखा है की कोविड-19 में जिस तरह से वायरस का आक्रमण हुआ और संपूर्ण विश्व प्रभावित हुआ, उस समय भी सबसे ज्यादा जोर हाथ धोने पर दिया गया और उस समय जब इस वायरस का कोई इलाज नहीं था, तब इसके बचाव के तरीके में भी हाथ धुलाई ही था।
उन्होंने कहा कि यदि हम सही तरीके से साबुन से 20 सेकंड तक हाथ धोते हैं, सैनिटाइजर,जिसमें 70 प्रतिशत से अधिक अल्कोहल रहता है, का इस्तेमाल करते हैं तो हम उस वायरस के प्रभाव को रोक सकते हैं, तो यह बहुत बड़ी बात है, छोटी बात नहीं है।
हम यहाँ केवल हाथ धो रहे हैं। एक तरह से यह सही जीवन जीने की आदत है, जिसका प्रसार कर रहे हैं। इसके बाद उन्होंने वहाँ उपस्थित सभी पदाधिकारियों एवं कर्मियों को स्वच्छता का संकल्प दिलाया ।
सभी ने कहा “मैं संकल्प लेता हूं कि कीटाणुओं के संचार को रोकने एवं खुद को स्वस्थ रखने के लिए अपने हाथों को साबुन और पानी से नियमित धोऊंगा।
मैं शौच के बाद, बच्चों का मल छूने के बाद, खाना खाने के पहले एवं किसी संक्रमित सतह को छूने के उपरांत निश्चित रूप से अपने हाथों को साबुन और पानी से धोऊंगा। हाथ धुलाई के 6 चरणों का पालन करते हुए अपने हाथों को कम से कम 20 सेकंड तक धोने के लिए भी मैं संकल्पित हूं।
वैश्विक हाथ धुलाई अभियान को एक महोत्सव के रूप में मनाऊंगा और साबुन से हाथ धोने की महत्व को बताते हुए अपने समुदाय में भी लोगों को साबुन से हाथ धोने के लिए प्रेरित करूंगा।
मैं अपने घर, आस-पड़ोस एवं गांव को हमेशा स्वक्ष रखूंगा और जल, स्वच्छता एवं साफ-सफाई के अनुकूल व्यवहारों का जैसे सुरक्षित पेयजल का उपयोग, शौचालय का इस्तेमाल एवं कूड़े-कचरे का उपयुक्त निपटान करूंगा।
इस अवसर पर उप विकास आयुक्त अमृषा बैंस, उप निदेशक जन संपर्क नागेंद्र कुमार गुप्ता, डीआरडीए निदेशक गणेश कुमार, जिला पंचायती राज पदाधिकारी आलोक राज, वरीय पदाधिकारी ललित राही एवं सभी पदाधिकारी व कर्मी गण उपस्थित थे।
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