श्रम संसाधन विभाग के धावा दल द्वारा 02 (दो) बाल श्रमिक को कराया गया विमुक्त

दरभंगा, श्रम अधीक्षक, दरभंगा राकेश रंजन द्वारा बताया गया कि केवटी के श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी दिलीप कुमार के नेतृत्व में सदर अनुमण्डल क्षेत्र अन्तर्गत केवटी प्रखंड के विभिन्न दुकानों एवं प्रतिष्ठानों में धावा दल की टीम द्वारा सघन जाँच अभियान चलाया गया।
सघन जाँच अभियान के दौरान धावा दल की टीम द्वारा *चाय नगरी,खिरमा चौक,केवटी से 01 बाल श्रमिक एवं प्रिया फास्ट फूड, हाजीपुर चौक,केवटी से 01 बाल श्रमिक* को विमुक्त कराया गया।
विमुक्त बाल श्रमिक को बाल कल्याण समिति के समक्ष उपस्थापित कर निर्देशानुसार उन्हें बाल गृह में रखा गया है।
बाल एवं किशोर श्रम ( प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम 1986 के तहत नियोजक के विरुद्ध संबंधित थाने में प्राथमिकी दर्ज करने की कार्रवाई की जा रही है।
श्रम अधीक्षक राकेश रंजन ने बताया कि बाल श्रमिकों से किसी भी दुकान या प्रतिष्ठान में कार्य कराना बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम 1986 के अंतर्गत गैरकानूनी है तथा बाल श्रमिकों से कार्य कराने वाले व्यक्तियों को 20 हजार से 50 हजार रुपये तक का जुर्माना और दो वर्षों तक के कारावास का प्रावधान है।
विदित हो की वित्तीय वर्ष 2023-24 में अभी तक दरभंगा जिले के विभिन्न प्रखंडों से धावा दल के द्वारा अब तक 47 बाल श्रमिकों को विमुक्त कराकर उनका पुनर्वासन लगातार कराया जा रहा है।
धावा दल की टीम के द्वारा आज केवटी प्रखंड के विभिन्न क्षेत्रों एवम सभी दुकान एवं प्रतिष्ठान में सघन जांच की गई तथा सभी नियोजको से किसी भी बाल श्रमिक को नियोजित नहीं करने हेतु एक शपथ पत्र भरवाया गया।
उन्होंने कहा कि आज की इस धावा दल टीम के सदस्य के रूप में केवटी, दरभंगा सदर, घनश्यामपुर एवं कुशेश्वरस्थान के श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी के साथ प्रयास संस्था से नारद मंडल कार्ड्स संस्था से नारायण कुमार मजमुदार,तहसीन आलम, प्रोग्राम कॉर्डिनेटर अजय कुमार एवं अन्य शामिल थे।
श्रम अधीक्षक के द्वारा बताया गया कि धावा दल नियमित रूप से प्रत्येक सप्ताह संचालित होगा तथा दरभंगा शहर के अलावा सभी अनुमंडल मुख्यालय एवं प्रखंड मुख्यालयों में भी धावा दल संचालित किया जाएगा तथा बाल श्रमिकों को नियोजित करने वाले नियोजकों के विरूद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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