• दरभंगा कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग में Vision-2 Venture Hackathon का आयोजन, IIT पटना–DCE सहयोग की ऐतिहासिक शुरुआत

दरभंगा कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग (DCE), दरभंगा में गुरुवार को Vision-2 Venture Hackathon का सफल आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम IIT पटना के इनक्यूबेशन सेंटर के एक्सटेंशन सेंटर जिसे DCE परिसर में स्थापित किया जा रहा है, के तत्वावधान में आयोजित हुआ। यह आयोजन IIT पटना एवं दरभंगा कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के बीच नवाचार, स्टार्टअप और उद्यमिता के क्षेत्र में औपचारिक सहयोग की शुरुआत का प्रतीक बना।
कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को स्टार्टअप संस्कृति, तकनीकी नवाचार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और उद्यमिता से जोड़ना तथा उन्हें राष्ट्रीय स्तर के इनक्यूबेशन इकोसिस्टम से जोड़ना रहा। इस पहल से मिथिला एवं उत्तर बिहार के छात्रों को उच्च स्तरीय मार्गदर्शन और संसाधन उपलब्ध होंगे।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं डॉ. सौरव कुमार पांडेय, एसोसिएट प्रोफेसर, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग,IIT पटना थे |
कार्यक्रम में जानकारी दी गई कि IIT पटना के इनक्यूबेशन सेंटर का एक्सटेंशन सेंटर DCE दरभंगा में स्थापित किया जा रहा है। जिससे छात्रों को IIT स्तर की मेंटरशिप, विशेषज्ञ मार्गदर्शन, उद्योग से जुड़ाव और राष्ट्रीय स्टार्टअप नेटवर्क का लाभ मिलेगा। यह केंद्र क्षेत्रीय नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र को नई दिशा देगा।
साथ ही यह भी बताया गया कि दरभंगा कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग का स्वयं का इनक्यूबेशन सेंटर MIITIE (Mithila Institute of Inclusive Technological Innovation & Entrepreneurship) वर्तमान में 30 से अधिक स्टार्टअप्स तथा 3 छात्र-नेतृत्व वाले स्टार्टअप्स को सहयोग प्रदान कर रहा है। IIT पटना के एक्सटेंशन सेंटर की स्थापना से DCE के मौजूदा इनक्यूबेशन सिस्टम को और अधिक मजबूती मिलेगी।
हैकाथॉन में कुल 12 टीमों ने भाग लिया जिनमें से 2 टीमों का चयन अगले चरण के लिए किया गया।
चयनित टीमों में Drone Man टीम (रवि रौशन एवं मयंक) शामिल रही, जो भारतीय सेना के लिए ड्रोन आधारित सेवाओं पर कार्य कर रही है। वहीं दूसरी चयनित टीम EcoBoard (नितीश कुमार, आलोक कुमार, दीपक कुमार एवं विकास कुमार) है, जो अपशिष्ट सामग्री से पर्यावरण-अनुकूल बोर्ड* विकसित करने पर काम कर रही है।
हैकाथॉन का मूल्यांकन सौरव कुमार पांडेय, एसोसिएट प्रोफेसर, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग, IIT पटना,तथा मयंक कुमार सिंह, सहायक प्रोफेसर, DCE दरभंगा द्वारा निर्णायक के रूप में किया गया।
कार्यक्रम के अंतर्गत DCE के छात्रों के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर विशेष सत्र का आयोजन भी किया गया। यह सत्र डॉ. राहुल मिश्रा, सहायक प्रोफेसर, कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग, IIT पटना, द्वारा लिया गया। सत्र में छात्रों को Agentic AI के व्यावहारिक उपयोग, स्टार्टअप संभावनाओं, इंडस्ट्री अनुप्रयोगों एवं भविष्य की तकनीकी आवश्यकताओं की जानकारी दी गई, जिसे छात्रों ने अत्यंत लाभकारी बताया।
अंतिम रूप से चयनित छात्र टीमों को दरभंगा कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग में प्री-इनक्यूबेशन हेतु ₹2 लाख की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी, जिससे वे अपने स्टार्टअप विचारों को प्रोटोटाइप से व्यावसायिक स्तर तक विकसित कर सकें।
अपने संबोधन में प्राचार्य प्रो. चंदन कुमार ने कहा कि यह सहयोग DCE के छात्रों को राष्ट्रीय स्तर पर स्टार्टअप अवसर प्रदान करेगा। मुख्य अतिथि डॉ. सौरव कुमार पांडेय ने छात्रों को नवाचार और उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
Vision-2 Venture Hackathon के माध्यम से IIT पटना–DCE संयुक्त नवाचार गतिविधियों, मेंटरशिप कार्यक्रमों एवं स्टार्टअप एक्सेलेरेशन की नई शुरुआत हुई है।
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