बाल यौन अपराधों से संरक्षण अधिनियम और किशोर न्याय अधिनियम पर कार्यशाला का आयोजन

जवाहर ज्योति बाल विकास केन्द्र, समस्तीपुर, जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन के संयुक्त तत्वाधान में जननायक कर्पूरी ठाकुर सभागार में बाल यौन अपराधों से संरक्षण अधिनियम और किशोर न्याय अधिनियम विषयक पर एक दिवसीय उन्मुखीकरण सह क्षमतावर्धन कार्यशाला हुआ सम्पन्न। आरक्षी उपाधीक्षक-यातायात- आशीष राज, बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष रंजू तथा जवाहर ज्योति बाल विकास केन्द्र के सचिव सुरेन्द्र कुमार, कोषाध्यक्ष वीणा कुमारी, संदीप, दिप्ती, रविन्द्र पासवान, वीभा आदि के द्वारा दीप प्रज्वलित कर उद्घाटन किया गया। विशिष्ट अतिथि आशीष राज, आरक्षी उपाधीक्षक-यातायात ने अपने उद्घाटन संबोधन में कहा कि बच्चों की सुरक्षा और संरक्षण के लिए किशोर न्याय अधिनियम में कई उपाय बताये गये हैं, जरूरत है सरकार और समाज को सजग और संवेदनशील होने की। तभी हम बाल यौन शोषण, बाल विवाह, बाल श्रम और बाल दूर्व्यपार से बच्चों को बचा सकते हैं। आज का यह प्रशिक्षण हमारे पुलिस पदाधिकारियों के लिए मील का पत्थर साबित होगा। बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष रंजू कुमारी ने भी पुलिस, प्रशासन और सामुदायिक भागीदारी को प्रमुखता से रखा। पोक्सो और किशोर न्याय कानून को विस्तार से समझाते हुए प्रशिक्षक भगवान पाठक ने कानून की बारीकियों और पुलिस की भूमिका पर प्रकाश डाला। प्रशिक्षक प्रकाश कुमार नें पोक्सो एक्ट के अंदर सजा के प्रावधान के बारे में बताया। महिला एवं बाल विकास निगम, समस्तीपुर के जिला कार्यक्रम प्रबंधक रवि प्रकाश सिंह नें पोक्सो पीड़िताओं के त्वरित न्याय तथा बेहतर आवासन के लिए निगम की योजनाओं के बारे में जानकारी दिया। जवाहर ज्योति बाल विकास केन्द्र के सचिव सुरेन्द्र कुमार ने बताया कि संस्था ने समस्तीपुर जिला में अब तक 150 पोक्सो पीड़िताओं को मनोसामाजिक और कानूनी सहायता दिया गया है। लगभग 1700 बच्चों को बाल श्रम से मुक्त कराकर मुख्य धारा में शामिल कराया कराया है एवं उनको विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ा है। 3000 से अधिक नाबालिग किशोरियों और उनके परिवार को बाल विवाह के प्रति जागरूक किया गया तथा 600 नाबालिग किशोरियों को बाल विवाह से मुक्त कराया गया है जिसकी शादी तय हो गई थी। इस कार्य में चाइल्ड हेल्पलाइन, पुलिस, जिला प्रशासन, श्रम संसाधन विभाग, रेलवे सुरक्षा बल, राजकीय रेल पुलिस का सहयोग मिला। इसके साथ हीं बाल विवाह मुक्त भारत अभियान में महिला और बाल विकास मंत्रालय, भारत सरकार, जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन एलायंस, क्राई-चाइल्ड राइट्स एंड यू, एक्सेस टू जस्टिस कार्यक्रम का सहयोग और तकनीकी समर्थन प्राप्त है। बच्चों के सुरक्षा और संरक्षण के लिए जिला के तमाम मिडिया संस्थान का भी सकारात्मक सहयोग मिलता रहा है। इस कार्यशाला में जिला के विभिन्न थानों से सौ से ज्यादा थानाध्यक्ष व बाल कल्याण पुलिस पदाधिकारियों को प्रशिक्षित किया गया। मौके पर दूर देहात के सचिव प्रभु नारायण झा, चेतना सामाजिक संस्था के अध्यक्ष डॉ. मिथिलेश कुमार, सामाजिक कार्यकर्ता प्रमोद कुमार राय, अर्जून प्रसाद, मयंक सिंहा, अनुष्का, नवनीत, संदीप, पैरवी-नई दिल्ली की कार्यक्रम समन्वयक वीभा, बबिता, चाइल्ड हेल्पलाइन के जिला समन्वयक शंकर मल्लिक, नगर थाना से सिम्पल वर्मा, अल्का विश्वास, वीर बहादूर सिंह, शिवानी नंदिनी इत्यादि उपस्थित रहे।
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