• मोदी-नीतीश सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ समाहरणालय पर विशाल प्रदर्शन
•;महंगाई, बेरोजगारी, स्मार्ट मीटर और किसानों की समस्याओं को लेकर गूंजा समाहरणालय परिसर : राजीव कुमार चौधरी

अखिल भारतीय किसान सभा एवं विभिन्न जनसंगठनों के संयुक्त आह्वान पर आज दरभंगा समाहरणालय पर विशाल प्रदर्शन एवं घेराव कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रदर्शन में जिले के विभिन्न प्रखंडों से पहुंचे किसानों, खेत मजदूरों, नौजवानों, महिलाओं एवं आम नागरिकों ने बड़ी संख्या में भाग लिया और केंद्र की मोदी सरकार तथा बिहार की नीतीश सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की।
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए किसान नेता राजीव कुमार चौधरी ने कहा कि देश और राज्य की सरकारें किसानों, मजदूरों, नौजवानों और गरीबों के हितों की लगातार उपेक्षा कर रही हैं। महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और जनसमस्याओं से आम जनता त्रस्त है, लेकिन सरकार जनता की समस्याओं के समाधान के बजाय बड़े पूंजीपतियों के हितों को प्राथमिकता दे रही है।
उन्होंने कहा कि डीजल, पेट्रोल, रसोई गैस और बिजली की बढ़ती कीमतों ने आम लोगों का जीवन कठिन बना दिया है। किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है, जबकि नौजवान रोजगार के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं। स्मार्ट मीटर के नाम पर जनता का आर्थिक शोषण किया जा रहा है और सामाजिक सुरक्षा पेंशन की राशि बेहद अपर्याप्त है।
किसान सभा के राष्ट्रीय सचिव प्रमोद प्रभाकर ने कहा कि आज जनता के बुनियादी सवालों को सरकार लगातार नजरअंदाज कर रही है। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन केवल मांगों का आंदोलन नहीं बल्कि जनअधिकारों की रक्षा का संघर्ष है, जिसे और व्यापक बनाया जाएगा।
वरिष्ठ किसान नेता नारायण जी झा ने कहा कि खेती-किसानी गहरे संकट से गुजर रही है। किसानों को लाभकारी मूल्य नहीं मिल रहा है, सिंचाई व्यवस्था बदहाल है तथा प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित किसानों को समुचित मुआवजा नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने किसानों और ग्रामीण गरीबों को संगठित होकर संघर्ष तेज करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में अहमद अली तमन्ने, सुधीर साह, आनंद मोहन, चन्देश्वर प्रसाद सिंह, राम उदगार साह, राम चलित्र राम, प्रो. राम प्रवेश पासवान, भगवान लाल पासवान, चुल्हाई दास, सुधीर राय, चन्द्रकिशोर झा, राम प्रसाद महतो, राजू मिश्रा, गौतम कान्त चौधरी, सुकुमारी देवी, दीपक कुमार मिश्रा, महेन्द्र पासवान, कांन्ती सिंह सहित बड़ी संख्या में किसान सभा एवं जनसंगठनों के नेता और कार्यकर्ता उपस्थित थे।
प्रदर्शन के उपरांत प्रतिनिधिमंडल ने जिला प्रशासन को 18 सूत्री मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा। प्रमुख मांगों में डीजल-पेट्रोल एवं रसोई गैस की कीमतों में कमी, ₹5000 मासिक सामाजिक सुरक्षा पेंशन, किसानों की फसलों की सरकारी खरीद की गारंटी, ओलावृष्टि एवं अग्निकांड पीड़ित किसानों को मुआवजा, बंद सरकारी नलकूपों को चालू करना, मनरेगा में 200 दिनों का रोजगार एवं ₹700 दैनिक मजदूरी, स्मार्ट मीटर पर रोक, युवाओं के लिए रोजगार गारंटी कानून तथा भूमिहीन परिवारों को 5 डिसमिल जमीन उपलब्ध कराना, जिला में बढ़ते अपराध, चोरी, डकैती, हत्या, लूट पर रोक लगाना आदि शामिल है।
सभा के अंत में नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार और प्रशासन जनता की मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं करते हैं तो आंदोलन को और व्यापक एवं तेज किया जाएगा।
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